मैरी कॉम ने मुक्केबाजी के खेल में भारत में महिलाओं के लिए एक नया दरवाजा खोला और उन्हें हौसला दिया। उन्होंने ओलंपिक 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद टोक्यो ओलंपिक 2020 में उनके पास जीतने का मौका था, लेकिन वह मेडल से चूक गई थीं। अब आप की अदालत शो में उन्होंने इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा के सामने खुलासा किया है कि वह मेडल जीतने से महरूम क्यों रह गई थीं।
मैच से पहले बदलवा दी गई जर्सी: मैरी कॉम
मैरी कॉम ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में मैच से ठीक पहले उनकी जर्सी बदलवा दी गई थी। मुझे बहुत दुख हुआ कि इंडिया की जर्सी नहीं पहना पा रही हूं। इस दौरान टाइम भी बहुत कम था। वॉर्म अप भी करना था और शरीर को रिंग में जाने से पहले तैयार करना था। इसके बाद भी मैंने मैच में अच्छा किया और तीन में से दो राउंड जीते थे। फिर भी मेरे विरोधी खिलाड़ी को जीत दे दी गई। बताइए ये कहां होता है?
लंदन ओलंपिक में जीता ब्रॉन्ज मेडज
मैरी कॉम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में कुल 8 मेडल जीते थे, जिसमें 6 गोल्ड थे। वहीं एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहा। इसके अलावा उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स भी मेडल जीते थे। लंदन ओलंपिक 2012 में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।
बचपन से पसंद थे लड़कों वाले खेल: मैरी कॉम
मैरी कॉम ने बताया कि वो बचपन से बहुत शरारती थीं। मैं उस गांव की हों जहां लड़कियों को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता। बचपन से ही मुझे लड़कियों वाले नहीं, लड़कों वाले खेल पसंद थे। एक बार मुझे प्यास लगी तो मैंने एक बोतल से पानी पीया जो वोदका था, मुझे पता ही नहीं चला कि वो पानी नहीं वोदका है।
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