नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी 2025 का ड्राफ्ट पिछले दिनों तैयार हो गया है। नई पॉलिसी को जल्द ही संसद में टेबल किया जा सकता है। इस नई पॉलिसी में नेक्स्ट जेनरेशन की टेक्नोलॉजी, AI, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 6G आदि पर जोर दिया गया है। इसके अलावा घर-घर में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से लेकर लाखों नए जॉब्स क्रिएट करने की बात कही गई है। इस पॉलिसी में भारत को 2030 तक टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
नई टेलीकॉम पॉलिसी के ड्राफ्ट में 2030 तक भारत में 5G नेटवर्क का जाल पहुंचाना है। सरकार 90 प्रतिशत जनता तक 5G सर्विस को पहुंचाने के साथ-साथ देश में 6G को भी लॉन्च करने का लक्ष्य बनाया है। टेलीकॉम पॉलिसी के ड्राफ्ट के मुताबिक, देश के 10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड सर्विस पहुंचाना है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और एक्सपेंशन से लेकर डीप लोकलाइजेशन, स्किल और पर्यावरण का भी ध्यान रखा गया है।
ड्राफ्ट हुई पॉलिसी को जल्द संसद में पेश करने की तैयारी चल रही है। भारत को 6G, AI, IoT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स से लेकर क्वांटम कम्प्यूटिंग और नेक्स्ट जेनरेशन इनोवेशन के मामले में भारत को दुनिया की टॉप-10 देशों में शामिल करने का लक्ष्य भी इस नई टेलीकॉम पॉलिसी में रखा गया है। भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग यानी मेक इन इंडिया को 150% तक बढ़ाने की बात भी इसमें कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई टेलीकॉम पॉलिसी के ड्राफ्ट में भारत के डिजिटल फ्यूचर के लिए ट्रांसफॉर्मेटिव विजन रखा गया है। इसमें टेलीकम्युनिकेशन को आर्थिक विकास, सोशल इंपावर्मेंट और टेक्नोलॉजी इनोवेशन के लिए मूल आधार माना गया है, जो देश की रणनीतिक प्रतिबद्धता दोहराती है। सरकार का लक्ष्य 10 लाख पब्लिक वाई-फाई हॉटस्पॉट को रोलआउट करना है। इसके लिए नई डिजिटल भारत निधि स्कीम का प्रस्ताव किया गया है। इस फंड का इस्तेमाल देश के रिमोट एरिया में नेटवर्क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
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