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इस देश ने ChatGPT को पूरी तरह से किया बैन, शुरू हुई जांच, Open AI ऐप पर लगे कई आरोप

 Written By: Gaurav Tiwari
 Published : Apr 01, 2023 11:43 am IST,  Updated : Apr 01, 2023 11:43 am IST

सबसे तेज फॉलोअर्स जुटाने के मामले में Open AI ChatGPT ने रिकॉर्ड कायम कर दिया है। इसके अब तक 100 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स बन चुके हैं। सरकार ने इस पर बैन लगाने के साथ ही इसके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है।

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चैटजीपीटी से किसी तरह से डेटा प्राइवेसी को कोई खतरा तो नहीं हुआ इसकी जांच चल रही है। Image Source : फाइल फोटो

Open AI ChatGPT: टेक्नोलॉजी की दुनिया में पिछले कुछ महीनों से ChatGPT की जमकर चर्चा हुई है।  ओपने एआई द्वारा बनाए गए इस चैटबॉट को लोगों ने खूब पसंद किया। हालांकि ऐसा नही हैं कि लोग इसे सिर्फ पसंद कर रहे हैं, इसके बढ़ते उपयोग को देखकर भविष्य की परेशानियों का अंदाजा भी लगाया जा रहा है। ChatGPT चैटबॉट इंटरनेट डेटा का उपयोग करके लोगों को उनके सवालों का जवाब देता है। बढ़ते उपयोग के बीच अब ChatGPT के साइड इफेक्ट्स भी सामने आ रहे हैं और इसी वजह से इसे एक देश में पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। 

सबसे तेज फॉलोअर्स जुटाने के मामले में Open AI ChatGPT ने रिकॉर्ड कायम कर दिया है। इसके अब तक 100 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स बन चुके हैं। इस बीच इटली सरकरा ने देश में चैटजीपीट को बैन कर दिया है। इटली सरकार के डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी विभाग ने देश में चैटबॉट ChatGPT को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर किस वजह से सरकार ने चैटजीपीटी को बैन किया है। 

ChatGPT को बैन करने वाला पहला देश

Open AI ChatGPT को पूरी तरह से बैन करने वाला इटली पहला देश है। देश के डेटा प्रोटेक्शन अधिकारियो ने इसे बैन करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इतना ही नहीं अब तक हुए इसके इस्तेमाल से प्राइवेसी को कोई खतरा तो नहीं हुआ है इस बात की भी जांच शुरू कर दी गई है। इससे पहले चीन, रूस, उत्तर कोरिया, चीन और ईरान में चैटजीपीटी पर प्रतिबंध लग चुका है। 

इटली में ChatGPT को बैन करने पर अधिकारियों ने कहा कि चैटजीपीटी के पास यूजर्स की पर्सनल डेटा को कलेक्ट करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में इस बात को परखा जाएगा कि चैटबॉट ने देश के जनरल डेटा प्रोटेक्शन की गाइडलाइन्स का पालन किया है या नहीं। अधिकारियों ने कहा कि हाल ही में चैटजीपीटी की तरफ से डेटा उल्लंघन का मामला भी सामने आया। इसमें ओपने एआई चैटबॉट की तरफ से एक यूजर की बातचीत और पेमेंट डिटेल लीक हुई थी। 

Open AI को 20 दिन का दिया गया समय

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐप के पास यूजर की उम्र को सत्यापित करने का कोई तरीका नहीं था और ऐसे में संभावना बढ़ जाती है कि यह ऐप नाबिलिकों को ऐसे उत्तर दे जो उनके विकास और मेंटल हेल्थ को प्रभावित करे। रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी अधिकारियों ने चैटजीपीटी को इस मामले में 20 दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा है। 

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