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UIDAI ने की बड़ी तैयारी, अब फर्जी Aadhaar बनाने वालों की खैर नहीं, चुटकियों में चलेगा पता

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jul 21, 2025 11:43 am IST,  Updated : Jul 21, 2025 11:43 am IST

UIDAI ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाने से लेकर अपडेट कराने से रोकने की तैयारी कर ली है। आधार कार्ड में बायोमैट्रिक्स अपडेट कराने से लेकर जन्मतिथि बदलवाना अब आसान नहीं रहेगा।

UIDAI, Aadhaar Card- India TV Hindi
आधार कार्ड Image Source : SORA.AI

UIDAI ने आधार कार्ड से जुड़े फ्रॉड और फर्जी UID नंबर को रोकने के लिए बड़ी तैयारी की है। केंद्रीय यूनीक आइडेंटिटी ऑथिरिटी जालसाजी को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे एडवांस टूल्स का इस्तेमाल करने वाली है। इसके लिए तैयारी की जा रही है, ताकि फर्जी आधार कार्ड पर ब्रेक लगाया जा सके। आधार एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है, जिसका इस्तेमाब बैंकिंग के लेकर मोबाइल कनेक्शन लेने आदि में किया जाता है।

फर्जी आधार कार्ड पर लगेगा ब्रेक

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने पिछले दिनों बताया कि आधार कार्ड जारी होने के बाद बार-बार जन्मतिथि और बायोमैट्रिक्स बदलने के लिए नए AI बेस्ड टूल्स का यूज किया जाएगा। कई यूजर्स अपने आधार कार्ड में जन्मतिथि से लेकर बायोमैट्रिक्स में बार-बार अपडेट करवाते हैं। UIDAI इसके वेरिफिकेशन के लिए आधिकारिक डेटाबेस में इन टेक्नोलॉजी का यूज करेगी ताकि गलत और मिक्स्ड बायोमैट्रिक्स वाले आधार कार्ड की पहचान हो सके।

इसके अलावा UIDAI ने आधार अप्लिकेशन को पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी की है ताकि डॉक्यूमेंट्स में बदलाव करने की गुंजाइश कम हो सके। इसके अलावा आधार कार्ड का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अन्य कदम भी उठाए जाएंगे। UIDAI CEO ने उदाहरण के साथ समझाते हुए कहा कि अगर आपको क्रिकेट टीम में खेलना है तो आप अपने उम्र को दो साल कम करना चाहते हैं। वहीं, अगर, आपको नौकरी चाहिए तो आप आधार कार्ड में जन्मतिथि को बढ़ाना चाहते हैं। इस तरह के कई फ्रॉड हैं। लोग कई बर्थ सर्टिफिकेट्स यूज करके अपना डेट ऑफ बर्थ अपडेट करा लेते हैं। इसे रोकने की जरूरत है।

क्या है UIDAI की तैयारी?

  1. बार-बार डेट ऑफ बर्थ बदलने से रोकने के लिए बायोमैट्रिक्स को ओरिजिनल डेटाबेस से मैच कराया जाएगा। इसके लिए AI और मशीन लर्निंग टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा।
  2. नए आधार कार्ड के लिए अब पूरी तरह से ऑनलाइन अप्लिकेशन फॉर्म भरा जाएगा। इसके लिए डॉक्यूमेंट्स को भी डिजिटली वेरिफाई किया जाएगा।
  3. फिंगरप्रिंट चेक करने के लिए AI टूल्स का यूज किया जाएगा, जो यूजर के उम्र को चेक करने का काम करेगा।
  4. बायोमैट्रिक्स जैसे कि फिंगरप्रिंट और फेस लिमिट्स को अपडेट किया जाएगा। केवल सीनियर सिटिजन के लिए ही इसे अपडेट कराने में छूट दी जाएगी। आम यूजर को इसे बार-बार अपडेट करने से रोका जाएगा।

गैर-भारतीय यूजर्स के आधार कार्ड के लिए तब ही अप्लाई किया जा सकेगा, जब वो यहां 180 दिन या इससे ज्यादा दिनों से यहां रह रहे हैं। UIDAI ने बताया कि पिछले 6 महीने में ऐसे 1,456 अप्लिकेशन रिजेक्ट किए गए हैं। इनमें से कई यूजर्स ऐसे हैं, जो भारत के निवासी नहीं हैं लेकिन उन्होंने भारतीय कैटेगरी के अंदर आधार कार्ड के लिए अप्लाई किया है। बता दें UIDAI ने इसके अलावा 1.17 करोड़ से ज्यादा आधार कार्ड को निरस्त भी किया है। ये उन लोगों के कार्ड हैं, जिनकी मृत्यु चुकी थी, लेकिन उनके परिजनों ने आधार कार्ड को निरस्त करने के लिए आवेदन नहीं दिया था।

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