एनसीआर का द्वारका एक्सप्रेसवे 79 प्रतिशत मूल्यवृद्धि के साथ चौथे स्थान पर है। यहां औसत कीमतें 2019 के 5,359 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 2024 की पहली छमाही में 9,600 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं।
नाइट फ्रैंक की ग्लोबल हेड लियाम बेली ने कहा कि भविष्य में कीमत में वृद्धि केंद्रीय बैंकों के हाथों में है। हमें विश्वास है कि अगले 12 महीने में ब्याज दरों में कमी देखने को मिलेगी।
रेरा ने कहा कि ऐसी संभावना है कि कुछ घर खरीदार परियोजना के सभी विवरण देखे बिना ही निवेश कर सकते हैं और किसी न किसी तरह से धोखा खा सकते हैं। इन परियोजनाओं को प्रमोटरों ने रेरा के शुरुआती दिनों में रजिस्टर्ड कराया था।
नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी हरि बाबू ने कहा, "2024 की दूसरी तिमाही भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र की एक लचीली और आशावादी भारतीय तस्वीर पेश करती है। हालांकि इस भावना में थोड़ा समायोजन हुआ है, लेकिन कुल मिलाकर दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है।
आंकड़ों से पता चला है कि 2024 की पहली छमाही में एनसीआर में लगभग 14,630 लग्जरी यूनिट्स बेची गईं, जबकि 2019 में लगभग 1,580 यूनिट्स बिकी थीं। किफायती सेगमेंट में, 2024 की पहली छमाही में लगभग 7,730 यूनिट्स बिकीं, जबकि 2019 में लगभग 23,180 यूनिट्स बिकीं।
एक सवाल आपके मन में यह भी हो सकता है कि 20 साल में प्रॉपर्टी की कीमत भी तो बढ़ेगी! हां बिल्कुल बढ़ेगी लेकिन वह इतना नहीं बढ़ेगी जितना आपको रिटर्न मिल जाएगा। रेंट पर रहने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आप अपनी कमाई के साथ इन्वेस्टमेंट कर पाएंगे। सिर्फ होम लोन की ईएमआई चुकाने में नहीं फंसे रहेंगे।
प्रॉपर्टी बेचने से होने वाले कैपिटल गेन पर 20% टैक्स की जगह 12.5% जरूर कर दिया गया है लेकिन इंडेक्सेशन हटा दिया गया है। टैक्स के जानकारों का कहना है कि इस प्रॉपर्टी बेचने वाले पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा। यह प्रॉपर्टी में निवेश करने वालों के लिए झटका है।
पिछले कुछ वर्षों से जमीनों की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च के बाद आसानी से नए यूनिट्स की बिक्री कर पा रहे हैं।
बेंगलुरु में भी घरों की बिक्री एक साल पहले की 15,088 इकाइयों से बढ़कर 15,127 इकाइयों पर पहुंचने का अनुमान है। लेकिन चेन्नई में बिक्री 4,950 इकाइयों से घटकर 4,841 इकाइयों पर आ जाने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों के प्रमुख बाजारों में औसत आवासीय किराये में पिछली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) 2024 में दो से चार प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। 2024 की पहली तिमाही में इन बाजारों में किराये में 2023 की चौथी तिमाही के मुकाबले चार से नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
प्रीमियम आवासीय संपत्तियों की बढ़ती मांग को भुनाने के लिए बिल्डर्स लग्जरी अपार्टमेंट पेश करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। लग्जरी परियोजनाओं में लाभ मार्जिन भी अधिक है।
2019 के आम चुनावों के बाद देश के टॉप 7 शहरों में घरों के दाम 6 प्रतिशत के सीएजीआर से बढ़े हैं। जून 2019 में औसत एक स्क्वायर फीट का दाम 5,600 रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024 के अंत में बढ़कर 7,550 रुपये प्रति स्क्वायर फीट हो गया है।
क्रिसिल के मुताबिक, देश के शीर्ष छह शहरों में आवासीय क्षेत्रों में स्वस्थ आर्थिक वृद्धि और मांग में उछाल के बीच आवासीय मांग में 10-12 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा ग्रुप 15 जून तक जेपी इन्फ्राटेक में 125 करोड़ रुपये का इक्विटी पूंजी लगाएगी और जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू करेगी। यह तय योजना के मुताबिक यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को भुगतान करना भी शुरू कर देगा।
घरों की बिक्री बढ़ाने में रेरा, जीएसटी और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (एआईएफ) जैसे एसडब्ल्यूएएमआईएच ने इस सेंटीमेंट को बदलने में अहम भूमिका निभाई है।
रियल एस्टेट सलाहकार कोलियर्स इंडिया और डेटा एनालिटिक कंपनी लियासेस फोरास की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, आठ शहरों में कीमतें चार प्रतिशत से 19 प्रतिशत तक बढ़ी हैं।
भारत में लग्जरी और प्रीमियम घरों की मांग में पिछले पांच वर्षों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। 2019 की पहली तिमाही में बिकने वाली घरों में लग्जरी होम की संख्या 7 प्रतिशत थी, जो कि 2024 की पहली तिमाही में बढ़कर 21 प्रतिशत हो चुकी है।
पहली तिमाही में दिल्ली-एनसीआर में कुल 15,645 घरों की बिक्री हुई थी, जिसमें से 6,060 यूनिट्स या 39 प्रतिशत घर लग्जरी थे और इनकी कीमत 1.5 करोड़ रुपए से अधिक थी।
प्रॉपर्टी को शॉर्टलिस्ट करने के बाद, वेबसाइटों पर दिए गए विवरण को जांच करने के बाद उस प्रोजेक्ट और फ्लैट को खुद से जाकर देखें। आस-पास के इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे या मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी को समझने के लिए, प्रोजेक्ट पर जाना बहुत जरूरी होता है।
नौ शहर मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद), बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता हैं।
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