गाजियाबाद में EWS कैटेगरी के तहत 8.25 लाख रुपये की कीमत में मिल रहे ये 1 BHK फ्लैट्स हैं, जिनका एरिया 28.41 वर्ग मीटर है।
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में मुंबई के रीयल एस्टेट बाजार के फ्यूचर को लेकर कई रोचक अनुमान लगाए हैं। इसमें कहा गया है कि पूरे शहर के प्रोजेक्ट्स आधुनिक और बेहतर हो जाएंगे।
अपार्टमेंट वाला यह एरिया पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे और आगामी मेट्रो लाइनों के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी), लोअर परेल और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक है।
ऑफर के तहत अगर आप इन फ्लैट के लिए 60 दिनों के अंदर पूरी पेमेंट करते हैं तो आपको 5 प्रतिशत की अलग से छूट भी दी जाएगी।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने जून 2022 के अपने आदेश में केवल एक प्रोजेक्ट 'इको विलेज-2' के संबंध में कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) के गठन का निर्देश दिया था।
कभी दिल्ली और मुंबई की तुलना में सस्ता माना जाने वाला बेंगलुरु अब तेजी से भारत के सबसे महंगे किराए वाले शहरों में शामिल होता जा रहा है। व्हाइटफील्ड, पनथुर और सारजापुर जैसे तकनीकी हॉटस्पॉट्स में क्वालिटी हाउसिंग की मांग बढ़ गई है।
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत सरकार का प्रस्ताव है कि भारतीय कामगारों को ऑस्ट्रेलिया भेजा जाए, जहां उन्हें घर बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे वे वहां के नियमों के अनुसार घर बना सकेंगे।
पहले 2019 में जहां हर एक घर की मांग पर एक से ज्यादा घर बन रहे थे, वहीं 2025 की पहली छमाही (जनवरी से जून तक) में ये आंकड़ा गिरकर महज 0.36 रह गया है।
IGR दस्तावेजों के मुताबिक, सोनू सूद ने यह फ्लैट 2012 में खरीदा था। यानी करीब 13 वर्षों में उन्होंने लगभग ₹2.94 करोड़ का लाभ कमाया।
कई ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में अथॉरिटी से पास नक्शे से अलग हटकर टावरों का निर्माण किया गया है। कहीं टावरों की ऊंचाई बढ़ाई गई है तो कहीं जो जगह ग्रीन बेल्ट दिखाई गई थी, वहीं टावर खड़े कर दिए गए हैं।
CoinSwitch का मानना है कि आज के युवा खरीदार अब फ्लैट्स देखने नहीं जा रहे, न ही मोलभाव कर रहे हैं, और न ही इन बेढंगे दामों के साथ कोई दिखावटी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
यह मामला दिल्ली में सरकारी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता को लेकर बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है। हालांकि, दिल्ली विकास प्राधिकरण ने अपनी प्रतिक्रिया में फ्लैट मालिकों द्वारा की गई अल्टरेशन को दोषी ठहराया।
सस्ते घरों की तलाश में लोग अब मेट्रो सिटी से सटे लोकेशन्स को पसंद कर रहे हैं। इसके चलते टियर-2 और टियर-3 शहरों में घरों की मांग बढ़ी है।
लोकेशन की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे एक बड़ा कारण है यहां पर फ्लैट्स, प्लॉट्स, इंडिपेंडेंट हाउस और विला जैसे कई तरह के विकल्प मौजूद हैं, जो अलग-अलग जरूरतों और बजट वाले खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं।
रियल एस्टेट किसी व्यक्ति द्वारा अपने जीवनकाल में लिए जाने वाले सबसे बड़े निवेश निर्णयों में से एक है, फिर भी लोग जल्दबाजी कर देते हैं।
अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने कहा कि आरबीआई की आज की पॉलिसी से पहले रेपो रेट में तीन बार लगातार कटौती हुई है। इससे होम लोन सस्ता हुआ है और लोगों पर ईएमआई का बोझ कम हुआ है।
डेटा के अनुसार, इस साल जनवरी से जून के बीच इन आठ शहरों में घरों की बिक्री 5 प्रतिशत घटकर 2,53,119 यूनिट्स पर पहुंच गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 2,67,219 यूनिट थी।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के जजों जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच के निर्देशों के बाद ये कार्रवाई की है। बेंच ने सीबीआई को अलग-अलग बिल्डरों और बैंकों के खिलाफ की जांच की मंजूरी दी थी।
घर से आगे अब सोसायटी के भीतर ही मिनी थिएटर, गेमिंग लाउंज और म्यूजिक जोन जैसे ज़ोन तैयार किए जा रहे हैं ताकि परिवार एक साथ ज्यादा क्वालिटी टाइम बिता सके।
60 प्रतिशत से अधिक रियल एस्टेट कंपनियों का ऋण एवं इक्विटी अनुपात 0.5 से नीचे रहा, जो वित्तीय रूप से स्वस्थ स्थिति को दर्शाता है।
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