दिल्ली-एनसीआर में फ्लैट खरीदना एक महत्वपूर्ण निर्णय है, लेकिन सही जानकारी और प्लानिंग से यह अनुभव सुखद और लाभकारी बन सकता है।
यूपी सरकार के कैबिनेट में लिए गए फैसले के मुताबिक, अगर कोई महिला 10 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदती है तो उन्हें भी स्टांप ड्यूटी पर अधिकतम 10 हजार रुपये का लाभ मिलेगा।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि घरों की बिक्री में गिरावट की वजह प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमत है।
फ्लैट की बुकिंग से पहले बिल्डर से कार्पेट, बिल्ट-अप और सुपर बिल्ट-अप एरिया का ब्रेकअप मांगे। केवल सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर तुलना न करें।
गाजियाबाद अथॉरिटी नई प्लॉट स्कीम लेकर आई है। इसमें भाग लेकर आप रेजिडेंशियल, कमर्शियल, दुकान आदि के लिए प्लॉट खरीद सकते हैं।
मध्यम आय और किफायती वर्ग के मामले में नई परियोजनाएं कम पेश हो रही हैं। साथ ही इस खंड में पहले के बचे फ्लैट की कमी के कारण आपूर्ति कम है।
डीएलएफ लिमिटेड ने 'वेस्टपार्क' नाम से यह प्रोजेक्ट लॉन्च किया है, जिसमें कुल 416 अपार्टमेंट होंगे। इसकी कीमत ₹42,000–₹47,000 प्रति वर्गफुट की कीमत रखी गई है।
प्रॉपर्टी खरीदने की जब बात आती है तो किस तरह की प्रॉपर्टी खरीदी जाए, ये तय करना होता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी और लीजहोल्ड प्रॉपर्टी क्या होती है। इससे अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से फैसला करना आसान हो जाता है।
2022 से 2025 (मई) के बीच 10 महानगरों और टियर टू शहरों में पेश किए गए रेजिडेंशियल लैंड की अनुमानित कीमत लगभग 2.44 लाख करोड़ रुपये है।
रियल एस्टेट मार्केट में सुस्ती दिखाई दे रही है। प्रॉपर्टी की ऊंची कीमत के चलते बिक्री में गिरावट आ गई है।
पहली छमाही में अधिकतर लैंड डील रेजिडेंशियल, कमर्शियल और मिक्स यूज प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के लिए हुए हैं।
अगर प्रॉपर्टी खरीदने का मकसद साफ रहेगा, तो निवेश भी समझदारी वाला होगा और रिटर्न भी बंपर मिलेगा।
यमुनाए एक्सप्रेसवे से कनेक्टेड आगरा में प्लॉट लेने का मौका है। वह भी आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की नई टाउनशिप स्कीम में। 15 अगस्त तक यह स्कीम लॉन्च हो सकती है।
यूनिट्स की संख्या के लिहाज से मुंबई सबसे बड़ा हाउसिंग मार्केट बना रहा, जिसकी बिक्री साल-दर-साल स्थिर रही। जबकि, एनसीआर में 8% की गिरावट दर्ज की गई है।
NAREDCO के प्रेसिडेंट ने कहा कि लोगों की सैलरी में इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है कि वह घरों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से मेल खा सके। पिछले तीन वर्षों में आवास की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे संभावित ग्राहकों की सामर्थ्य प्रभावित हुई है।
सबसे किफायती हाउसिंग मार्केट का कैलकुलेशन ईएमआई/इनकम रेशो की मदद से किया जाता है। ईएमआई/इनकम रेशो के जरिए ये मालूम चलता है कि एक परिवार को कितनी मंथली इनकम पर कितना ईएमआई देना पड़ रहा है।
जानकारों का कहना है कि प्रस्तावित को-डेवलपर पॉलिसी एनसीआर रियल एस्टेट मार्केट के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकती है। यह दो प्रमुख चुनौतियों - अधूरी परियोजनाओं और परेशान खरीदारों से निपटेगी।
आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल-जून में बेंगलुरु में घरों की बिक्री छह प्रतिशत घटकर 14,676 यूनिट रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 15,582 यूनिट थी।
फाइनेंशियल प्लानर का कहना है कि सही निवेश आपकी उम्र, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों पर निर्भर करता है, न कि ट्रेंड पर।
दिल्ली-एनसीआर में, औसत लोडिंग प्रतिशत 2019 में 31 प्रतिशत से बढ़कर Q1 2025 में 41 प्रतिशत हो गया है।
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