रवांडा और कांगो के बीच संघर्ष विराम दोबारा टूटने से भीषण जंग शुरू हो गई है। रवांडा समर्थित एम23 सशस्त्र समूह ने कांगो के एक शहर पर हमले के बाद कब्जा कर लिया है। इसमें अब तक 400 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों में कराये गए सीजफायर एक के बाद एक टूटने लगे हैं। इससे ट्रंप के नोबेल पाने के सपने पर भी पानी फिरता दिख रहा है। अब रवांडा और कांगो के बीच संघर्ष विराम टूट गया है।
रवांडा विद्रोहियों ने पूर्वी कांगों में कम से कम 140 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। मानवाधिकार संगठनों की ओर से जारी एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
अफ्रीकी महाद्वीप के अशांत क्षेत्र पूर्वी कांगो में वर्षों से जारी हिंसा और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कांगो सरकार और रवांडा समर्थित विद्रोही गुटों ने स्थायी संघर्षविराम (सीजफायर) के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे करीब 3 दशकों से जारी संघर्ष समाप्त हो गया।
अब विश्व की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या यह समझौता वास्तव में जमीन पर शांति ला पाएगा या यह भी पिछले समझौतों की तरह कागजों तक ही सीमित रह जाएगा। हालांकि इस बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भागीदारी और अमेरिका की सीधी मध्यस्थता से उम्मीदें ज़रूर बढ़ गई हैं।
Congo Rwanda: रवांडा के रक्षा बल ने बयान जारी कर कहा कि कांगो का एक अज्ञात सैनिक शुक्रवार सुबह सीमा पार कर रुबावु जिले में दाखिल हुआ।
यहां सबसे गरीब परिवारों को सरकार डेयरी गायों को उपहार में देती है और गाय से पैदा हुई पहली बछिया को पड़ोसी को उपहार में दे दिया जाता है, इस प्रकार से समुदाय में भाईचारे और एकजुटता को बढ़ावा दिया जाता है।
रवांडा के दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागमे के साथ विस्तृत बातचीत की और व्यापार एवं कृषि के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
मोदी की यह यात्रा चीन के प्रधानमंत्री शी चिनफिंग की रवांडा यात्रा के कुछ ही दिन बाद हो रही है। प्रधानमंत्री इसके बाद कल युगांडा की यात्रा पर निकलेंगे।
दक्षिणी रवांडा में पिछले दो दिनों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए।
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