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इलाहाबाद हाई कोर्ट से समाजवादी पार्टी को बड़ी राहत, मुरादाबाद कार्यालय खाली करने का आदेश रद्द

 Reported By: Imran Laeek, Edited By: Mangal Yadav
 Published : Oct 28, 2025 12:47 pm IST,  Updated : Oct 28, 2025 01:09 pm IST

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुरादाबाद सपा कार्यालय को खाली करने के आदेश को रद्द कर दिया है। इससे मुरादाबाद प्रशासन को तगड़ा झटका लगा है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट- India TV Hindi
इलाहाबाद हाई कोर्ट Image Source : ANI

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद सपा कार्यालय को खाली करने के प्रशासन के आदेश को रद्द कर दिया है। इससे मुरादाबाद प्रशासन को तगड़ा झटका लगा है। 9 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए सपा कार्यालय खाली करने पर रोक लगाते हुए 28 अक्टूबर की तारीख तय की थी। यह आदेश जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्य वीर सिंह की डबल बेंच ने दिया।

प्रशासन ने सपा कार्यालय खाली करने का दिया था आदेश

दरअसल, जिला प्रशासन ने मुरादाबाद सपा कार्यालय खाली करने के लिए नोटिस जारी किया हुआ था। नोटिस में दो सप्ताह में सपा का दफ्तर खाली करने को कहा गया था। सपा ने जिला प्रशासन के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसी मामले पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट रोक लगा दी थी। 

31 साल बाद अलॉटमेंट कैंसिल किया गया था

बता दें कि सपा का यह कार्यालय बंगला नंबर 4, सिविल लाइंस इलाके में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के सामने चक्कर की मिलक इलाके में है, जिसे 1994 में दिवंगत SP सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को अलॉट कराया था। अधिकारियों के मुताबिक, बंगला करीब 1,000 स्क्वायर यार्ड में फैला है। 6 अक्टूबर को प्रशासन की टीम सपा कार्यालय खाली कराने पहुंची थी। एसीएम प्रथम प्रिंस वर्मा, तहसीलदार (सदर) आदित्य श्रीवास्तव, सीओ सिविल लाइंस कुलदीप गुप्ता और पुलिस बल मौके पर मौजूद था।

हाई कोर्ट ने लगाई थी रोक

टीम के पहुंचने से पहले ही सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, पूर्व विधायक हाजी रिजवान और कई पदाधिकारी बड़ी संख्या में कार्यालय पर मौजूद थे। जिलाध्यक्ष ने 10 अक्टूबर को सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि का हवाला देते हुए फर्नीचर और डॉक्यूमेंट्स हटाने के लिए चार दिन की मोहलत मांगी थी। जिलाधिकारी के आदेश पर प्रशासन ने 10 अक्टूबर तक का समय दिया था, जिसके बाद 11 अक्टूबर को कब्जा लेने की तैयारी थी लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश से कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी।  

जानकारी के मुताबिक कोठी नंबर-4 साल 1994 में तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव को शासन आदेश के तहत 2500 रुपये के मासिक किराये पर आवंटित की गई थी। बाद में इसे सपा के जिला कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा था।  

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