कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने फलस्तीनी संगठन हमास की तुलना भगत सिंह से करके विवाद खड़ा कर दिया, हालांकि बाद में वह अपनी टिप्पणी से पलट गए। भाजपा ने इस मामले पर राहुल गांधी से माफी की मांग की और आरोप लगाया कि मसूद का बयान बिहारवासियों का अपमान है क्योंकि भगत सिंह का बिहार से नाता गहरा था। बयान पर विवाद खड़ा होने के बाद मसूद ने अपने बयान से पलटते हुए दावा किया कि उन्होंने कभी कोई तुलना नहीं की।
मसूद के अनुसार उनका कहना था कि भगत सिंह 'शहीद-ए-आजम' थे और उनकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लोकसभा सदस्य ने विवादित टिप्पणी एक पॉडकॉस्ट में की। सफाई में इन्होंने कहा, "किस कांटेक्स्ट में क्या बात कही गयी उसको मिलाना ठीक नहीं होगा। मैंने किसी से भगत सिंह की तुलना नहीं की, भारत सरकार का जो स्टैंड है वही मेरा स्टैंड भी है।"
भाजपा नेता और इसके आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘ बिहार चुनाव के समय कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा भगत सिंह की तुलना आतंकी संगठन हमास से करना एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। यह बिहारियों का अपमान है। भगत सिंह का बिहार से नाता गहरा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सेंट्रल असेंबली में बम फेंकने की घटना में उनके साथी बटुकेश्वर दत्त बिहार से थे। वहीं, वैशाली के योगेन्द्र शुक्ल जैसे क्रांतिकारी भी उनके साथ जेल में रहे और उनके विचारों को आगे बढ़ाया।
भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों ने बिहार के असंख्य युवाओं को प्रेरित किया, छात्र आंदोलनों से लेकर जयप्रकाश नारायण जैसे नेताओं तक, जिन्होंने विद्रोह की मशाल को आगे बढ़ाया। बिहार भले भगत सिंह की कर्मभूमि न रहा हो, लेकिन उनके विचारों की जनभूमि अवश्य रहा है।’’ मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इमरान मसूद की इस टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे या फिर मुस्लिम तुष्टिकरण एक बार फिर सियासत पर हावी होगा? (भाषा इनपुट के साथ)
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