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22 साल पहले मर चुके व्यक्ति को जिंदा दिखाया, झूठी रजिस्ट्री करा हड़प ली जमीन, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज

जमीन के मालिक की मौत 2002 में हो गई थी। इसके बाद 2024 में उसे जिंदा दिखाकर झूठी रजिस्ट्री कराई गई। जमीन मालिक की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर कागजी कार्रवाई पूरी की गई।

Edited By: Shakti Singh
Published : Dec 05, 2025 02:06 pm IST, Updated : Dec 05, 2025 02:06 pm IST
Land- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK प्रतीकात्मक तस्वीर

कानपुर के साकेत नगर क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 22 साल पहले यानी साल 2002 में मृत हो चुके व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर, फोटो और पहचान पत्र का इस्तेमाल करके आरोपियों ने 200 गज जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। यह धोखाधड़ी हाल ही में 19 अक्टूबर 2024 को हुई, जबकि मूल मालिक हंसराज डंग की मौत 14 फरवरी 2002 को भोपाल में हो चुकी थी। 

पीड़ित पक्ष के 70 वर्षीय बुजुर्ग छोटेलाल यादव ने बताया कि साल 1982 में हंसराज डंग ने उनसे डब्ल्यू-वन ब्लॉक, साकेत नगर में 200 गज का प्लॉट मात्र 24 हजार रुपये में खरीदा था और एग्रीमेंट किया था। अगले साल 1983 में हंसराज डंग ने अपनी वसीयत से यह प्लॉट छोटेलाल के नाम कर दिया और भोपाल चले गए। उसके बाद से छोटेलाल ही इस प्लॉट के मालिक हैं और उस पर उनका कब्जा भी है।

फर्जी तरीके से कराई रजिस्ट्री

मार्च 2025 में कुछ लोग फर्जी कागजात लेकर उनके घर पहुंचे और मकान खाली करने की धमकी देने लगे। छोटेलाल को शक हुआ तो उन्होंने अपने बेटे को भोपाल भेजकर हंसराज डंग के बारे में पता लगवाया। वहां पता चला कि हंसराज डंग का निधन तो 14 फरवरी 2002 को ही हो गया था। इसके बावजूद 19 अक्टूबर 2024 को हंसराज डंग के नाम से ही रजिस्ट्री करा ली गई। 

कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

आरोप है कि प्रवीन तलवार, उनके बेटे रचित तलवार और पप्पू सविता ने मिलकर यह पूरी साजिश रची। इन्होंने हंसराज डंग की पुरानी फोटो, हस्ताक्षर और पहचान पत्र का दुरुपयोग किया। रजिस्ट्री के समय किसी दूसरे व्यक्ति को हंसराज डंग बनाकर खड़ा किया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री पूरी करवा ली। छोटेलाल ने जब कोतवाली थाने में शिकायत की तो राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूरन उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के सख्त आदेश के बाद आखिरकार कोतवाली पुलिस ने प्रवीन तलवार, रचित तलवार और पप्पू सविता समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। 

सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकॉर्ड की होगी जांच

कोतवाली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकॉर्ड की भी छानबीन की जाएगी कि आखिर फर्जी व्यक्ति और दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कैसे हो गई। यह मामला एक बार फिर रजिस्ट्री विभाग की लापरवाही और जमीनी धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित बुजुर्ग छोटेलाल ने कहा कि वे आखिरी सांस तक अपनी जमीन के लिए लड़ेंगे और दोषियों को सजा दिलवाकर रहेंगे। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपी गिरफ्त में आ सकते हैं। 

(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

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