प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज में लगे माघ मेले में सतुआ बाबा के बाद गोल्डन गूगल बाबा चर्चा में हैं। गोल्डन गूगल बाबा की खासियत ये है कि वह सिर से लेकर पैर तक करोड़ों रुपए के सोने के आभूषणों से लदे रहते हैं। उनके खाना खाने के बर्तन चांदी के हैं और वह चांदी के पात्र में ही पानी पीते हैं। हैरानी की बात ये भी है कि उनके पास 4.5 लाख रुपए की चांदी की चप्पलें भी थीं, जिन्हें वह पहना करते थे।
क्या-क्या खासियत है गोल्डन गूगल बाबा की?
प्रयागराज की संगम रेती पर आस्था का महापर्व माघ मेला लगा हुआ है। साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं के बीच इस बार एक ऐसे बाबा चर्चा में हैं, जिनका भव्य स्वरूप हर किसी को चौंका रहा है। सिर से पांव तक सोने-चांदी से सजे गूगल गोल्डन बाबा इस माघ मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरे हैं।
सादगी और वैराग्य के लिए पहचाने जाने वाले संत समाज के बीच गूगल गोल्डन बाबा का यह अनोखा अंदाज हर किसी की निगाहें अपनी ओर खींच रहा है। बाबा के शरीर पर सिर से लेकर पांव तक करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण हैं। हाथों में भारी कंगन और चेन, उंगलियों में देवी-देवताओं की आकृतियों वाली सोने की अंगूठियां, गले में सोने-चांदी का शंख और रुद्राक्ष की मालाओं में जड़ा सोना—बाबा का हर आभूषण खास है।
क्या है बाबा का असली नाम?
गूगल गोल्डन बाबा का असली नाम मनोज आनंद महाराज है और वे उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। बाबा न सिर्फ आभूषणों में बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी चांदी का प्रयोग करते हैं। वे चांदी के बर्तन में भोजन करते हैं और चांदी के पात्र में ही पानी पीते हैं। बाबा के सिर पर चांदी का मुकुट है, जिस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लगी हुई है।
यह मुकुट और इससे जुड़ा बाबा का संकल्प लोगों के बीच खास चर्चा का विषय बना हुआ है। बाबा बताते हैं कि पहले वे लगभग साढ़े चार लाख रुपये की चांदी की चप्पलें पहनते थे, लेकिन अब उन्होंने चप्पल त्याग दी है। इसके पीछे एक धार्मिक संकल्प है। बाबा का कहना है कि जब तक योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री नहीं बन जाते, तब तक वे नंगे पांव ही चलेंगे। इसे वे अपनी व्यक्तिगत आस्था और संकल्प बताते हैं।
बाबा खुद किसके भक्त हैं?
गूगल गोल्डन बाबा करौली वाले बाबा के भक्त हैं और पिछले करीब 20 वर्षों से सोने-चांदी के आभूषण धारण कर रहे हैं। बाबा के पास एक विशेष सोने से बनी लड्डू गोपाल की मूर्ति भी है, जिसे वे हमेशा अपने हाथ में रखते हैं। बाबा का दावा है कि उन्हें चोरी या नुकसान का कोई भय नहीं, क्योंकि उनके रक्षक स्वयं लड्डू गोपाल हैं।
सोना पहनने को लेकर सवाल उठने पर बाबा कहते हैं कि वे क्षत्रिय हैं और उनके पूर्वज भी सोना धारण करते थे। उनके अनुसार सोना शौर्य, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक है। बाबा मानते हैं कि यह दिखावा नहीं, बल्कि उनकी परंपरा और आस्था का हिस्सा है। माघ मेले के दौरान गूगल गोल्डन बाबा अपने शिविर में नियमित पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। श्रद्धालु उन्हें देखकर हैरान भी होते हैं और उनके साथ फोटो व सेल्फी लेने को उत्सुक भी नजर आते हैं।
आस्था, भक्ति और भव्यता का यह अनोखा संगम इस बार प्रयागराज माघ मेले की पहचान बन गया है। गूगल गोल्डन बाबा न सिर्फ मेले में, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से सुर्खियों में हैं, अभी तक तो माघ मेले मे सतुआ बाबा अपनी महंगी कार क़ो लेकर चर्चा मे थे अब गोल्डन बाबा अपने आभूषणों को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं।


