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अब अपराधियों की खैर नहीं! यूपी पुलिस ने जुर्म के खिलाफ कस ली कमर; शुरू किया ऑपरेशन कन्विक्शन

 Reported By: Ruchi Kumar, Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Jun 26, 2023 05:59 pm IST,  Updated : Jun 26, 2023 06:38 pm IST

उत्तर प्रदेश में अब अपराधियों की खैर नहीं है। पुलिस ने प्रदेश में जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को जल्द सज़ा दिलाने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन को नाम दिया है ऑपरेशन कन्विक्शन।

CM Yogi Adityanath- India TV Hindi
CM Yogi Adityanath Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश की पुलिस ने अपराध के खिलाफ कमर कस ली है। पुलिस ने राज्य में जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों को जल्द सज़ा दिलाने के लिए ऑपरेशन कन्विक्शन शुरू किया है। इसके तहत पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर सबूत जुटा कर कठोर सजा दिलाएगी। योगी सरकार ने इसके लिए नई कार्य योजना तैयार कर ली है। यूपी में अभी आरोपियों को गिरफ्तार कर ,साइंटेफिक तारीके से साक्ष्य जमा करके कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर कठोर सजा दिलायी जा रही है। इस पर और बल देते हुए मिशन मोड में कार्यवाही किए जाने के उद्देश्य से एक नई कार्ययोजना तैयार की गयी है, जिसे ऑपरेशन “कन्विक्शन” का नाम दिया गया है। इस कार्य योजना के तहत पॉक्सो एक्ट के समस्त अभियोगों के अतिरिक्त रेप, हत्या, लूट, डकैती, धर्मपरिवर्तन, गौकशी के अपराध को शामिल किया गया है।

अपराधों को करेगा चिन्हित

जानकारी दे दें कि  “कन्विक्शन” के तहत प्रत्येक कमिश्नरेट/जनपद पॉक्सो एक्ट के अलावा उपरोक्त कैटेगरी के 20-20 अपराधों को चिन्हित करेगा। चिन्हित अपराधों से सम्बन्धित अभियोगों में उत्कृष्ट एवं समयबद्ध विवेचना सम्पादित कराकर आरोप पत्र कोर्ट को भेजा जाएगा। बता दें कि आरोप पत्र भेजे जाने के बाद 3 दिन के अन्दर चार्ज फ्रेम करवाया जाएगा और 30 दिन के अंदर ट्रायल की कार्यवाही पूरी कराई जाएगी। गवाहों व माल मुकदमाती को समय से कोर्ट में पेश करने का जिम्मा सम्बन्धित थाना प्रभारी एवं कमिश्नरेट/जनपद प्रभारी का होगा।वहीं, जनपद प्रभारी अपने कमिश्नरेट/जनपद की मॉनीटरिंग सेल की बैठक में जिला जज से संपर्क कर चिन्हित अभियोगों की सुनवाई दिन-प्रतिदिन फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराए जाने की कोशिश करेंगे। साथ ही सम्बन्धित कमिश्नरेट/जनपद प्रभारी द्वारा चिन्हित अभियोगों में परीक्षण रिपोर्ट को एक हफ्ते के अन्दर उपलब्ध कराए जाने हेतु स्वयं FSL से समन्वय स्थापित किया जाएगा।

मॉनीटरिंग सेल का होगा गठन

इसके अतिरिक्त चिन्हित अभियोगों में की जाने वाली पैरवी की मॉनीटरिंग हेतु हर कमिश्नरेट/जनपद प्रभारी कार्यालय में एक अधिकारी के अंतर्गत मॉनीटरिंग सेल गठित किया जाएगा। इसके बाद, मॉनीटरिंग सेल द्वारा अभियोगों की दिन-प्रतिदिन की कार्यवाही की समीक्षा कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी। चिन्हित किए गए अभियोगों की साप्ताहिक समीक्षा हेतु पुलिस मुख्यालय पर एक वेबपोर्टल डेवलप किया जा रहा है, जिससे मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही का नियमित मॉनीटरिंग किया जा सकेगा।

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