कोलकाता: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की और बीजेपी का मुकाबला करने के लिए उनकी तारीफ की। उन्होंने लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में ममता को पूरा समर्थन दिया और I-PAC के दफ्तरों और इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी का सामना करने के लिए उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दीदी ने ईडी को हराया और अब चुनाव में बीजेपी को भी हराएंगी।
ममता बनर्जी के करीब 40 मिनट हुई मुलाकात
सीएम ममता बनर्जी से 40 मिनट की मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से कहा कि पूरे देश में अगर कोई भाजपा का प्रभावी तरीके से मुकाबला कर रहा है तो वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। भाजपा का इसी तरह से मुकाबला किया जा सकता है, जिस तरह वह कर रही हैं। अखिलेश यादव का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा विरोधी 'इंडिया' गठबंधन में शामिल कई क्षेत्रीय दल पहले यह आरोप लगा चुके हैं कि गठबंधन में शामिल सबसे बड़ा दल कांग्रेस बड़े भाई की तरह व्यवहार कर रहा है।
अखिलेश यादव ने की ममता बनर्जी की तारीफ
दरअसल, अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के उपाध्यक्ष किरणमय नंदा के साथ मंगलवार कोलकाता पहुंचे। उन्होंने काली घाट मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की, फिर ममता बनर्जी से मिलने गए। अखिलेश ने कहा कि देश में इस वक्त ममता बनर्जी ही सबसे मजबूती के साथ बीजेपी का मुकाबला कर रही हैं। अखिलेश ने कहा कि SIR का मुद्दा हो या फिर CAA-NRC का इश्यू..ममता बनर्जी ने हर मामले में मोदी सरकार को मुंहतोड़ जवाब दिया है..BJP की CBI और ED भी दीदी के सामने फेल हो गई है।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर बोला हमला
अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर का मकसद चुनाव से पहले लोगों को अधिकतम कष्ट पहुंचाना है। यह अलग बात है कि वास्तव में बिहार में एसआईआर लागू हुआ या नहीं, लेकिन तथ्य यह है कि एसआईआर को पश्चिम बंगाल के लिए बनाया गया था। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि मतदान बढ़े और अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। लेकिन पहली बार हम यह देख रहे हैं कि आयोग और भाजपा एसआईआर के बहाने एनआरसी लागू करने की कोशिश कर रहे हैं और आम लोगों को परेशान कर रहे हैं, स्पष्ट उद्देश्य यह है कि वोट घटाए जाएं।
SIR के खिलाफ अपनी लड़ाई में टीएमसी के साथ सपा
असल में ममता बनर्जी अब SIR के खिलाफ अपनी लड़ाई को दिल्ली लाना चाहती हैं। इस संघर्ष में अखिलेश ने ममता को पूरा सपोर्ट देने का वादा किया है। ममता बुधवार को दिल्ली आ सकती हैं और उनकी रणनीति 29, 30 और 31 जनवरी को SIR के खिलाफ दिल्ली में इलेक्शन कमीशन के ऑफिस के बाहर धरना देने की है। तृणमूल कांग्रेस की तरफ से दिल्ली पुलिस को लेटर भी भेजा गया है, जिसमें धरने की परमिशन मांगी गई है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता बंगाल में लगातार SIR के खिलाफ रैली निकाल रहे हैं।