1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. "धारा 144 सिर्फ बीजेपी के लिए लगाई गई है," राज्यपाल से मिलने के बाद बोले सुकांत मजूमदार

"धारा 144 सिर्फ बीजेपी के लिए लगाई गई है," राज्यपाल से मिलने के बाद बोले सुकांत मजूमदार

 Published : Feb 23, 2024 07:15 am IST,  Updated : Feb 23, 2024 07:15 am IST

संदेशखाली में प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारी से रिहा होते ही बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की। इसके बाद मजूमदार ने कहा कि धारा 144 केवल भाजपा के लिए लगाई गई है, लेकिन टीएमसी विधायक 50 लोगों के साथ घूम रहे हैं।

Sukanta Majumdar - India TV Hindi
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार Image Source : ANI

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को कल संदेशखाली की घटनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए गिरफ्तार किया था। इसके थोड़ी ही देर बाद उन्हें रिहा भी कर दिया गया था। रिहा होते ही मजूमदार ने देर रात राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की। इसके बाद मजूमदार ने मीडिया को बताया कि उन्होंने पूरी घटना से राज्यपाल को अवगत कराया है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि जिस तरह से पुलिस ने एक सांसद के साथ व्यवहार किया, उससे राज्यपाल भी हैरान थे।

"टीएमसी विधायक 50 लोगों के साथ घूम रहे"

सुकांत मजूमदार ने कहा, "मैंने राज्यपाल को पूरी घटना के बारे में बताया जो भी हुआ। जिस तरह से उन्होंने एक सांसद के साथ व्यवहार किया उससे राज्यपाल भी हैरान थे। लोकतंत्र में ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। धारा 144 केवल भाजपा के लिए लगाई गई है, लेकिन टीएमसी विधायक 50 लोगों के साथ घूम रहे हैं। यह भेदभावपूर्ण 144 है, जो केवल भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं पर लागू होती है। शेख शाहजहां और उसके भाई वहां जमींदारी चलाते हैं और लोगों पर अत्याचार करते हैं। ममता बनर्जी और टीएमसी ने ऐसी स्थिति बना रखी है कि कोई आवाज नहीं उठ सकती। आज महिलाओं ने अपनी आवाज उठाई है। राज्यपाल का ध्यान सभी विषयों पर है और वह गृह मंत्रालय को भी सूचित कर रहे हैं।"

धरनास्थल से हटाकर नांव में ले गई थी पुलिस 

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के फरार नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गुरुवार को संदेशखालि थाने के बाहर धरने पर बैठे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को कानून प्रवर्तकों ने जबरन धरनास्थल से हटाकर नाव में बैठाया और संकटग्रस्त इलाके से रवाना कर दिया। संदेशखालि में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान टाकि के पास एक प्रदर्शन के दौरान चोट लगने के आठ दिन बाद पुलिस ने मजूमदार को उत्तर 24 परगना जिले के संकटग्रस्त इलाके में जाने की इजाजत दी थी। इलाके में पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात के बाद मजूमदार सीधा संदेशखालि थाने पहुंचे और कुछ देर बाद ही उन्होंने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।

मजूमदार को बाद में पुलिसकर्मियों के साथ एक नाव में बैठाकर धमाखली नौका घाट भेज दिया गया। धमाखली पहुंचने के बाद मजूमदार ने दावा किया, "मुझे गिरफ्तार किया गया और बाद में निजी जमानत बॉण्ड पर रिहा कर दिया गया। मैं अभी धमाखली नौका घाट पर हूं लेकिन जब तक संदेशखालि में गिरफ्तार हमारे सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता तब तक मैं यह क्षेत्र नहीं छोड़ूंगा।"

ये भी पढ़ें-

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।