1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. विश्व में Coronavirus से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या डेढ़ करोड़ के करीब पहुंची

विश्व में Coronavirus से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या डेढ़ करोड़ के करीब पहुंची

 Reported By: Bhasha
 Published : Jul 22, 2020 11:22 pm IST,  Updated : Jul 22, 2020 11:32 pm IST

दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या बुधवार को डेढ़ करोड़ के करीब पहुंच गई।

विश्व में Coronavirus से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या डेढ़ करोड़ के करीब पहुंची - India TV Hindi
विश्व में Coronavirus से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या डेढ़ करोड़ के करीब पहुंची  Image Source : AP

न्यूयॉर्क: दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या बुधवार को डेढ़ करोड़ के करीब पहुंच गई। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में कोविड-19 से 6,17,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 1,40,000 से अधिक हो गई है और अब भी संक्रमण के काफी अधिक मामले सामने आ रहे हैं। 

अमेरिका में एक समय संक्रमण के मामलों में सबसे आगे चल रहे न्यूयॉर्क को अब देश के सबसे बड़े राज्य कैलिफोर्निया ने पीछे छोड़ दिया है। जॉन हॉपकिंस की तालिका के अनुसार कैलिफोर्निया में 4,09,000 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। 

Coronavirus के कारण अपनी शुरुआती शिक्षा के वंचित हो रहे हैं दक्षिण एशिया के 2.2 करोड़ बच्चे : यूनिसेफ 

यूनिसेफ के नए अध्ययन के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के कारण भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों में रहने वाले करीब 2.2 करोड़ बच्चे अपनी शुरुआती शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। बुधवार को जारी इस अध्ययन के सारांश में दुनिया भर में बच्चों की देखभाल की स्थिति, शुरुआती शिक्षा और कोविड-19 के कारण पारिवारिक सेवाओं के बंद होने से उनपर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया गया है। यूनिसेफ ने दक्षिण एशिया में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटाना, भारत, मालदीप, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका को अपने अध्ययन में शामिल किया है। 

दक्षिण एशिया के लिए यूनिसेफ की क्षेत्रीय निदेशक जीन गो का कहना है, ‘‘कोविड-19 महामारी से दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में बच्चे भी शामिल हैं। लंबे वक्त से स्कूल के बंद रहने और दूरस्थ शिक्षा की सीमित पहुंच के कारण वे अपने शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं।’’ गो ने कहा कि बच्चों की देखभाल और शुरुआती शिक्षा उन्हें उनकी अधिकतम क्षमता का एहसास कराने में मदद करती है। अगर अभी कुछ करने में असफल रहे तो क्षेत्र के करोड़ों बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश