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राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के संवैधानिक सुधारों के ऐलान के बाद रूसी सरकार ने दिया इस्तीफा

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 15, 2020 07:14 pm IST,  Updated : Jan 15, 2020 11:57 pm IST

रूस के प्रधानमंत्री दमित्री और उनके सहयोगियों ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है।

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Russian President Vladimir Putin (Right) and Russian Prime Minister Dmitry Medvedev (Left) Image Source : AP/PTI

मॉस्को। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा कई संवैधानिक सुधारों का ऐलान किये जाने के बाद रूस में सरकार ने एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में बुधवार को इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री दमित्रि मेदवेदेव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इन संवैधानिक संशोधनों का मकसद ऐसा पद तैयार करना है जिससे राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पुतिन रूस में महत्वपूर्ण पद पर बने रह सकते हैं। प्रधानमंत्री दमित्रि मेदवेदेव ने टीवी पर प्रसारित टिप्पणी में कहा कि वह अपने नेता द्वारा सरकार में प्रस्तावित बदलाव की रोशनी में इस्तीफा दे रहे हैं। 

राष्ट्रपति सुरक्षा परिषद का उप प्रमुख बने मेदवेदेव 

पुतिन ने मेदवेदेव को उनके कार्यों के लिये धन्यवाद दिया और उन्हें राष्ट्रपति सुरक्षा परिषद का उप प्रमुख नियुक्त किया। इससे पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पुतिन ने संविधान में संशोधन के संकेत दिये जिससे सांसदों को प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों को नामित करने का अधिकार होगा। अभी इनकी नियुक्ति का अधिकार रूस के राष्ट्रपति के पास है। पुतिन ने शीर्ष अधिकारियों और सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, “इससे संसद और संसदीय दलों, प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों की शक्तियां व स्वतंत्रता बढ़ जाएगी।” 

राष्ट्रपति पुतिन की दलील

इसी के साथ पुतिन ने दलील दी कि रूस स्थिर नहीं रहेगा अगर हम एक संसदीय प्रणाली के तहत शासित होंगे। राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री और मंत्रियों को बर्खास्त करने का अधिकार रखना चाहिए, जिससे शीर्ष रक्षा और सुरक्षा अधिकारियों को नामित किया जा सके और वह रूसी सैन्य व कानून प्रवर्तन एजेंसियों का प्रभारी होगा। पुतिन ने जोर दिया कि संवैधानिक बदलाव के लिये राष्ट्रव्यापी रायशुमारी होनी चाहिए। 

बीस साल से शीर्ष नेतृत्व संभाल रहे हैं पुतिन

पुतिन का मौजूदा कार्यकाल 2024 में पूरा हो रहा है और रूस की राजनीति के शीर्ष लोग इस बात को लेकर कयास लगा रहे थे कि उनकी भविष्य की योजना क्या है। पुतिन (67) रूस में बीस साल से भी ज्यादा समय से शीर्ष नेतृत्व संभाल रहे हैं, जो जोसफ स्टालिन को छोड़कर किसी भी दूसरे रूसी या सोवियत नेता के कार्यकाल से लंबा है। उन्हें मौजूदा कानून के तहत कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ना पड़ता, जो किसी भी राष्ट्रपति को लगातार दो कार्यकाल से ज्यादा पद पर बने रहने से रोकता है। 

विपक्षी नेता अलेक्सेई नवालेनी की आपत्ति

रूस के सबसे प्रमुख विपक्षी नेता अलेक्सेई नवालेनी ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति का भाषण पुतिन के कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी महत्वपूर्ण पद पर बने रहने की इच्छा का संकेत देता है। नवालेनी ने आरोप लगाया, “पुतिन और उनकी सरकार का एक मात्र लक्ष्य जीवन को अपने कब्जे में रखना, पूरे देश को अपनी संपत्ति समझना और धन को अपने व अपने दोस्तों के लिये रखना है।”

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