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हक्कानी नेटवर्क को तालिबान ने दी काबुल की सुरक्षा की जिम्मेदारी

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 21, 2021 11:37 am IST,  Updated : Aug 23, 2021 02:26 pm IST

खलील हक्कानी की एक और तस्वीर आई है। इस फोटो में वो जिहादी नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार के साथ मीटिंग कर रहा है और चौकाने वाली बात ये है कि खलील हक्कानी के पास अमेरिकी गन है।

काबुल. तालिबान ने 40 करोड़ रुपये के इनामी आतंकी को काबुल का सुरक्ष इंचार्ज बना दिया है। हक्कानी नेटवर्क के आतंकी खलील हक्कानी को तालिबान ने काबुल की सिक्यूरिटी की जिम्मेदारी सौंप दी है। खलील हक्कानी हक्कानी नेटवर्क के चीफ सिराजुद्दीन हक्कानी का चाचा है और उसकी आतंकी गतिविधियों की वजह से अमेरिका ने खलील हक्कानी पर 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।

खलील हक्कानी खुलेआम जनसंपर्क कर रहा है। अमेरिका ने उसपर इनाम घोषित कर रखा है लेकिन अब वो आतंकी काबुल का सुरक्षा इंचार्ज बन गया है और अमेरिका कुछ नहीं कर पा रहा है। हक्कानी ग्रुप पाकिस्तान में पैदा हुआ था। उसने धीरे-धीरे अफगानिस्तान तक अपना प्रभाव बढ़ा लिया और अब वो तालिबान के साथ मिल कर बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम देता है।

अमेरिकी गन के साथ दिखा खलील हक्कानी

खलील हक्कानी की एक और तस्वीर आई है। इस फोटो में वो जिहादी नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार के साथ मीटिंग कर रहा है और चौकाने वाली बात ये है कि खलील हक्कानी के पास अमेरिकी गन है। हक्कानी नेटवर्क लगातार मीटिंग कर रहा है। सुरक्षा इंचार्ज बनने के बाद खलील हक्कानी तो जनसंपर्क कर ही रहा है, सिराजुद्दीन हक्कानी का भाई अनस हक्कानी कई दिनों से इस काम में लगा है।

अनस ने हामिद करजई से मुलाकात की थी और पीस कमेटी के मुखिया अबदुल्ला-अबदुल्ला से मीटिंग की थी। दरअसल पाकिस्तान के इशारे पर पूरा हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में एक्शन में है। पर्दे के पीछे से सारी साज़िशों को इसका चीफ सिराजुद्दीन हक्कानी लीड कर रहा है। आरिज हक्कानी अफगानिस्तान में जनसंपर्क में लगा है और उनका एक रिश्तेदार याहया हक्कानी मध्यस्थता कमेटी में है।

लंबी है हक्कानी के गुनाहों की फेहरिश्त
हक्कानी के गुनाहों की लिस्ट काफी लंबी है। हक्कानी ग्रुप ने 27 अप्रैल 2008 को काबुल में मिलिट्री परेड पर हमला किया था, जिसमें एक सांसद सहित तीन लोगों की मौत हुई थी। 07 जुलाई 2008 को काबुल में भारतीय दूतावास पर हमला किया था, जिसमें 58 लोगों की मौत हो गई थी। 2008 और 2009 में भी उसने काबुल में आत्मघाती हमले करवाए थे। 2011 में  काबुल के होटल पर हमला किया था।

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