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Russia Ukraine News: युद्ध में रूस के 'बैकफुट' पर जाने से परमाणु हथियारों का सहारा ले सकते हैं पुतिन: CIA

अमेरिका खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अमेरिका रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी को कतई हल्के में नहीं ले सकता।

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Updated on: April 18, 2022 21:49 IST
CIA director gives big statement over Putin- India TV Hindi
Image Source : PTI CIA director gives big statement over Putin

Highlights

  • अमेरिका की खुफिया एजेंसी का बड़ा बयान
  • CIA निदेशक ने परमाणु हमले का जताया डर
  • "पुतिन की धमकी कतई हल्के में नहीं ले सकते"

नई दिल्ली। अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अमेरिका रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी को कतई हल्के में नहीं ले सकता। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन और रूसी नेतृत्व की संभावित हताशा और रूस को सैन्य रूप से जिन असफलताओं का सामना करना पड़ा है, उन्हें देखते हुए, हममें से कोई भी सामरिक परमाणु हथियारों या कम-उपज वाले परमाणु हथियारों के संभावित खतरे को हल्के में नहीं ले सकता है"

24 फरवरी 2022 को यूक्रेन में एक अकारण युद्ध शुरू करने के बाद से, रूस यूक्रेनी जमीन पर बड़ी जीत हासिल करने के लिए अबतक संघर्ष कर रहा है। रूस अब तक कीव पर कब्जा करने में विफल तो रहा ही है साथ ही अपने हजारों सैनिकों को भी खो दिया है और बड़ी संख्या में सेना के जनरल भी मारे गए हैं। इतना ही नहीं रूस का हाल ही में मोस्कवा नामक एक मिसाइल क्रूजर युद्ध पोत भी तबाह हो गया है। 

इन्हीं सब कारणों को देखते हुए विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है कि पुतिन बड़े पैमाने पर विनाश के हथियारों के इस्तेमाल की ओर रुख कर सकते हैं क्योंकि वह यूक्रेन युद्ध में खुद को बैकफुट पर महसूस रहे हैं। गौर करने वाली बात ये भी है कि पुतिन ने युद्ध शुरू करने के कुछ दिनों बाद ही रूस के परमाणु प्रतिरोधी बलों को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया था।

बता दें कि रूस की राजधानी के नाम से प्रेरित युद्धपोत मोस्कवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद डूब गया। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने मोस्कवा में आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं की। युद्धपोत लंबी दूरी की 16 मिसाइलें ले जाने की क्षमता रखता था। जानकारों का कहना है कि युद्धपोत के डूबने से काला सागर में रूस की सैन्य क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा, यह घटना पहले से ही एक बड़ी ऐतिहासिक भूल के रूप में देखे जाने वाले यूक्रेन युद्ध में रूस की प्रतिष्ठा के लिए बड़ा झटका भी है।