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भारत के राजदूत ने कनाडा से पूछा-"कहां हैं निज्जर की हत्या के सुबूत"?, जस्टिन ट्रूडो नहीं दे पा रहे जवाब

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Nov 05, 2023 06:59 pm IST, Updated : Nov 05, 2023 06:59 pm IST

कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह सिंह निज्जर की हत्या का सुबूत मांगा है। मगर कनाडा अभी तक इसे मुहैया कराने में नाकाम रहा है। बता दें कि कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकी की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है।

जस्टिन ट्रूड, कनाडा के प्रधानमंत्री।- India TV Hindi
Image Source : AP जस्टिन ट्रूड, कनाडा के प्रधानमंत्री।

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाने वाला कनाडा अभी तक इस संबंध में सुबूत नहीं दे सका है। इस बीच कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर लगाए गए आरोपों के संबंध में ओटावा से सबूत मुहैया कराने को कहा। वर्मा ने साथ ही कहा कि निज्जर की हत्या के मामले को लेकर कनाडा की जांच में उच्च स्तर के एक कनाडाई अधिकारी के सार्वजनिक बयानों से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्मा ने ‘ग्लोब एंड मेल’ समाचार पत्र से एक साक्षात्कार में शुक्रवार को कहा कि इस मामले में ‘‘हमें कोई ऐसी विशिष्ट या प्रासंगिक सूचना मुहैया नहीं कराई गई, जिसके आधार पर हम उनकी मदद कर सकें। जस्टिन ट्रूडो भारत को अब तक सुबूत दे पाने में विफल रहे हैं। 
 
’’ समाचार पत्र ने वर्मा के हवाले से कहा, ‘‘सबूत कहां हैं? इस जांच का निष्कर्ष कहां है? मैं एक कदम आगे जाकर कहूंगा कि जांच पर पहले ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ चुका है।’’ उन्होंने किसी का नाम लिए बिना शनिवार को कहा, ‘‘यह कहने के लिए एक उच्च स्तरीय व्यक्ति से निर्देश मिला है कि इसके पीछे भारत या भारतीय एजेंट का हाथ है।’’ कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर में आरोप लगाया था कि जून में उनके देश में हुई निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट की ‘‘संभावित’’ संलिप्तता थी। भारत ने निज्जर को 2020 में आतंकवादियों की सूची में शामिल किया था। ये आरोप लगाए जाने के बाद से भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव पैदा हो गया है। भारत ने इन आरोपों को ‘‘बेतुका’’ और ‘‘निहित स्वार्थ से प्रेरित’’ बताया है।

खालिस्तानियों पर कार्रवाई नहीं करता कनाडा

भारत ने ट्रूडो द्वारा आरोप लगाए जाने के कुछ दिनों बाद कनाडाई नागरिकों को वीजा जारी करना अस्थायी रूप से बंद कर दिया था और कनाडा से भारत में अपनी राजनयिक उपस्थिति को कम करने के लिए कहा था, ताकि दोनों देशों में राजनयिकों की संख्या बराबर हो सके। इसके बाद कनाडा ने भारत से अपने 41 राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया था। वर्मा ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत ने पिछले पांच या छह वर्ष में ओटावा से लोगों के प्रत्यर्पण को लेकर 26 अनुरोध किए, लेकिन कनाडा ने कोई कार्रवाई नहीं की।
 
भारतीय उच्चायुक्त ने उन्हें और कनाडा में अन्य भारतीय राजनयिक कर्मियों को सुरक्षा संबंधी खतरों पर बात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को नयी दिल्ली में कहा था कि भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद के समाधान के लिए कूटनीतिक गुंजाइश मौजूद है। विदेश मंत्री ने कहा था कि दोनों देश एक-दूसरे के संपर्क में हैं और उम्मीद है कि इस विवाद के समाधान का एक रास्ता निकलेगा। उन्होंने कहा था कि ‘‘संप्रभुता और संवेदनशीलता’’ एकतरफा नहीं हो सकती। (भाषा) 

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