इजरायल ने देर रात ईरान के न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया है। ये निशाना कहां बनाया गया, इसकी जानकारी इजरायल ने नहीं दी लेकिन ईरान की राजधानी तेहरान में एक बड़ा धमाका सुनाई दिया है। इजरायल के एक सैन्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि इजरायली सेना ने ईरानी न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया है। इससे पहले ईरान ने दावा किया था उसने इजरायल के न्यूक्लियर साइट्स के गुप्त ठिकानों की एक लिस्ट हासिल कर ली है।
इजरायली सेना के अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर मीडिया से बात की और चल रहे अभियान पर की जानकारी दी, इसमें उन्होंने बताया कि ईरान के सैन्य स्थलों को भी निशाना बनाया जा रहा है। बता दें कि इज़रायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इज़रायल ने शुक्रवार को तड़के ईरान की राजधानी पर हमला किया, जिसके बाद पूरे तेहरान में धमाके होने लगे। इजरायली सेना आईडीएफ ने ट्वीट कर भी इस हमले की पुष्टि की है।
बता दें कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव दोनों देशों के बीच नए स्तर पर पहुंच गया है। इंटरनेशनल एटमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने गुरुवार को 20 साल में पहली बार ईरान की निंदा की क्योंकि वह अपने निरीक्षकों के साथ काम नहीं कर रहा है। ईरान ने तुरंत घोषणा की कि वह देश में तीसरा संवर्धन स्थल (enrichment site) स्थापित करेगा और कुछ सेंट्रीफ्यूज को अधिक एडवांस सेंट्रीफ्यूज से बदल देगा।
इजरायली सेना आईडीएफ ने ट्वीट में लिखा कि IDF ने ईरान के खिलाफ़ पूर्वव्यापी, सटीक और संयुक्त आक्रामक स्ट्राइक की है। इस हमले में दर्जनों IAF जेट विमानों ने पहला चरण पूरा किया जिसमें ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में परमाणु लक्ष्यों सहित दर्जनों सैन्य लक्ष्यों पर हमले शामिल थे।
आगे आईडीएफ ने लिखा कि आज ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के पहले से कहीं ज़्यादा करीब है। ईरानी शासन के हाथों में सामूहिक विनाश के हथियार इज़रायल राज्य और व्यापक दुनिया के लिए एक अस्तित्वगत ख़तरा हैं। इज़रायल के पास अपने नागरिकों की रक्षा के लिए कार्य करने के दायित्व को पूरा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और ऐसा हर जगह करना जारी रखेगा जहाँ ऐसा करने की आवश्यकता होगी, जैसा कि हमने अतीत में किया है।
इधर ईरान मिलिट्री ने अपने ऑफिशियल अकाउंट से कहा कि याद रखना हमने इसे (युद्ध) को शुरू नहीं किया है। बताया जा रहा कि इजरायल ने इराक एयरस्पेस का इस्तेमाल कर ईरान के परमाणु अड्डों को तबाह किया है।
इजरायली हमले में ईरान के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी, आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ, हुसैन सलामी, आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्सेज के कमांडर, आमिर अली हाजीजादेह और ईरान परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख, मोहम्मद इस्लामि और डिफेंसिव इनोवेशन एंड रिसर्च के संगठन के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल रेजा मोजाफरीनिया मारे गए हैं।
बता दें कि इज़राइल ने कई सालों से चेतावनी दी है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा, कुछ ऐसा जो तेहरान जोर देकर कहता है कि वह नहीं चाहता- हालांकि वहां के अधिकारियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि ऐसा हो सकता है। अमेरिका भी कुछ बड़ा होने की तैयारी कर रहा है, वह पहले से ही इराक की राजधानी से कुछ राजनयिकों को वापस बुला रहा है और व्यापक मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों के परिवारों को खुद निकल जाने को कह रहा है। हमले के बाद तेहरान में लोग विस्फोट की आवाज़ सुनकर जागे। वहीं राज्य टेलीविजन ईरान ऑब्जर्वर ने भी इस हमले की पुष्टि की।
हालांकि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस जगह पर हमला हुआ था, पर पश्चिमी तेहरान के एक इलाके चिटगर से धुआं उठता देखा जा सकता था। इस हमले के बाद बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। अभी तक व्हाइट हाउस ने भी तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। बता दें कि जब तेहरान में विस्फोट शुरू हुए, तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के लॉन में कांग्रेस के सदस्यों से मिल रहे थे। यह स्पष्ट नहीं था कि उन्हें इस बारे में बताया गया था या नहीं, लेकिन राष्ट्रपति कई मिनट तक हाथ मिलाते रहे और तस्वीरें खिंचवाते रहे।
(एपी इनपुट के साथ)
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