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पाकिस्तान: इमरान खान और कुरैशी को हाई-प्रोफाइल कैदी का दर्जा, जेल में करना होगा ऐसा काम

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Feb 05, 2024 06:54 pm IST,  Updated : Feb 05, 2024 06:54 pm IST

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को हाई-प्रोफाइल कैदी होने के बावजूद जेल परिसर में सश्रम कारावास भुगतना होगा।

इमरान खान और कुरैशी - India TV Hindi
इमरान खान और कुरैशी Image Source : FILE

Pakistan News: पाकिस्तान में 8 फरवरी को आम चुनाव है। चुनाव के बीच राजनीतिक घमासान जारी है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी सरकार के रहे पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को हाई प्रोफाइल कैदी का दर्जा दिया गया है। उनके लिए भी जेल में काम की व्यवस्था की गई है। उन्हें सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। 

जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को हाई-प्रोफाइल कैदी होने के बावजूद जेल परिसर में सश्रम कारावास भुगतना होगा। मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई। दोनों नेताओं को एक विशेष अदालत ने सिफर मामले में 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी और उन्हें रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल में रखा गया है जहां उनके खिलाफ मुकदमा चला था। 

कैदियों के तौर पर रखा गया है अलग अलग

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, 71 वर्षीय खान और 67 वर्षीय कुरैशी को हाई-प्रोफाइल कैदियों के तौर पर अलग-अलग रखा जा रहा है क्योंकि उनमें से एक पूर्व प्रधानमंत्री जबकि दूसरे विदेश मंत्री रह चुके हैं। खान अपनी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष हैं जबकि कुरैशी पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। इसमें कहा गया है कि दोनों नेता एक बेहतर श्रेणी की जेल में कैदियों को दी जाने वाली उन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जो उन्हें दोषी ठहराए जाने से पहले मिलती थीं, जिसमें व्यायाम मशीन तक पहुंच भी शामिल है। 

दी गई है जेल की वर्दी, पर इमरान को पहनना अनिवार्य नहीं

सूत्रों के मुताबिक, दोनों को जेल नियमावली के मुताबिक दो जोड़ी जेल वर्दी दी गई हैं। हालांकि पीटीआई के संस्थापक अध्यक्ष खान पर अन्य मामलों में मुकदमा चल रहा है, इसलिए उनके लिए जेल की वर्दी पहनना अनिवार्य नहीं किया गया है। दोनों कैदी लिखित आदेश के अनुसार (जेल) परिसर में श्रम भी करेंगे। सूत्रों के हवाले से खबर में कहा गया है कि हाई-प्रोफाइल कैदियों को जेल के कारखानों, रसोईघरों, अस्पतालों, बगीचों आदि में आम कैदियों के बीच नहीं रखा जा सकता, इसलिए, उन्हें रखरखाव कार्य या जेल प्रशासन द्वारा सौंपे गए किसी अन्य कार्य के लिए उनके परिसर में रखा जाएगा। 

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