PM Modi SCO Summit LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO की बैठक को संबोधित किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंतकवाद शांति की राह में सबसे बड़ा खतरा है। पीएम मोदी ने SCO को, S-सिक्योरिटी, C-कनेक्टिविटी और O-अपॉर्चुनिटी का मंच बताया। इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सदस्य देशों को संबोधित करते हुए संगठन की प्रगति और भविष्य की दिशा पर जोर दिया। SCO शिखर सम्मेलन के बाद पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई है। पीएम मोदी के चीन दौरे पर अधिक जानकारी के लिए इंडिया टीवी की पल-पल की अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान और चीन की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद चीन के तियानजिन से भारत के लिए रवाना हो गए हैं। जापान में प्रधानमंत्री मोदी ने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया और चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में भाग लिया।
चीन के तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक समाप्त हो गई है। इस बैठक में भारत-रूस संबंधों समेत यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान अलग ही केमेस्ट्री दिखने को मिली। भारत और रूस की अटूट दोस्ती से अमेरिका को कैसा लग रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। रूस से दोस्ती की वजह से अमेरिका ने भारत के खिलाफ क तरह से टैरिफ वॉर छेड़ दी है लेकिन मोदी ने भी साफ कर दिया कि ये जोड़ी टूटेगी नहीं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा, "प्रिय मित्र, 21 दिसंबर को हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को 15 वर्ष पूरे हो जाएंगे। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हमारा संबंध सिद्धांत-आधारित है और इसमें बहुआयामी सहयोग है।"
चीन के तियानजिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा, "हम अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में, चाहे वह संयुक्त राष्ट्र हो या ब्रिक्स, अपनी आवाज एक साथ उठाते हैं। आज की यह बैठक हमारे आपसी रास्ते को और मजबूत करेगी। रूस और भारत के बीच एक विश्वसनीय साझेदारी है, और यह और भी मजबूत हो रही है। यह किसी भी राजनीति से परे है, लोग इस रिश्ते का समर्थन करते हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। SCO वैश्विक दक्षिण और पूर्व के देशों को एकजुट करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। 21 दिसंबर, 2025 को भारत-रूस संबंधों के 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक पहुंचने की 15वीं वर्षगांठ है। हमारे बीच बहुआयामी संबंध हैं। आज की बैठक से भारत-रूस संबंधों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रूस और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।"
चीन के तियानजिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हम यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। हम शांति के लिए हाल के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता खोजना होगा। यह पूरी मानवता का आह्वान है।"
चीन के तियानजिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत और रूस हमेशा कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं। हमारा घनिष्ठ सहयोग ना केवल दोनों देशों के लोगों के लिए, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है।"
चीन के तियानजिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मुझे हमेशा लगता है कि आपसे मिलना एक यादगार अनुभव रहा है। हमें कई विषयों पर जानकारी का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला। हम लगातार संपर्क में रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच नियमित रूप से कई उच्च-स्तरीय बैठकें हुई हैं। 140 करोड़ भारतीय इस वर्ष दिसंबर में होने वाले हमारे 23वें शिखर सम्मेलन के लिए आपका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की गहराई और विस्तार को दर्शाता है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक चीन के तियानजिन में शुरू हो गई है।
शंघाई सहयोग परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को बिना उनका नाम लिए आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा।
SCO समिट में पाकिस्तान पर भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट में अपने संबोधन के दौरान आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले का जिक्र किया। पीएम मोदी ने साफ कहा कि आतंकवाद और अलगाववाद विश्व शांति के लिए बड़ा खतरा हैं। इसके बाद SCO का साझा बयान जारी किया गया, जिसमें पहलगाम हमने की निंदा की गई है। घोषणापत्र में कहा गया है, 'सदस्य देशों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति और संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे हमलों के अपराधियों, साजिशकर्ताओं और आतंक को बढ़ावा देने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।'
चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग परिषद (SCO) के सदस्यों के सत्र में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी अलास्का बैठक के विवरण द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेताओं को बताऊंगा। मैं मॉस्को के इस रुख को दोहरा रहा हूं कि यूक्रेन में संकट किसी 'आक्रमण' के कारण नहीं, बल्कि यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों द्वारा समर्थित कीव में तख्तापलट के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन में बनी सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्विपक्षीय बैठक स्थल के लिए एक साथ रवाना हुए। दोनों नेता चीन के तियानजिन में द्विपक्षीय बैठक के लिए एक ही कार में यात्रा कर रहे हैं।
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