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तालिबान ने महिलाओं की जबरन शादी पर रोक लगाई, कहा- कोई मजबूर नहीं कर सकता

तालिबान ने यह कदम संभवत: इसलिए उठाया है क्योंकि विकसित राष्ट्रों से मान्यता हासिल करने और सहायता बहाल करने के लिए इन मानदंडों को पूरा किया जाना जरूरी है।

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published on: December 03, 2021 20:10 IST
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Image Source : AP REPRESENTATIONAL अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबान ने कहा कि उसने महिलाओं की जबरन शादी पर प्रतिबंध लगा दिया है।

Highlights

  • तालिबान ने शुक्रवार को कहा कि उसने महिलाओं की जबरन शादी पर प्रतिबंध लगा दिया है।
  • तालिबान ने कहा कि कोई भी महिलाओं को जबरदस्ती या दबाव से शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है।
  • अगस्त में तालिबान के कब्जे के बाद से देश में अंतरराष्ट्रीय मदद बहाल नहीं हुई है और अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है।

काबुल: अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबान ने शुक्रवार को कहा कि उसने महिलाओं की जबरन शादी पर प्रतिबंध लगा दिया है। तालिबान द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है, ‘दोनों (महिला और पुरुष) बराबर होने चाहिए। कोई भी महिलाओं को जबरदस्ती या दबाव से शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है।’ सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंजादा ने इस फैसले की घोषणा की। अगस्त में तालिबान के कब्जे के बाद से देश में अंतरराष्ट्रीय मदद बहाल नहीं हुई है और अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है।

तालिबान ने क्यों उठाया यह कदम?

तालिबान ने यह कदम संभवत: इसलिए उठाया है क्योंकि विकसित राष्ट्रों से मान्यता हासिल करने और सहायता बहाल करने के लिए इन मानदंडों को पूरा किया जाना जरूरी है। गरीब, रूढ़िवादी देश में जबरन विवाह बहुत प्रचलित है क्योंकि आंतरिक रूप से विस्थापित लोग कम उम्र की अपनी बेटियों की शादी पैसे लेकर कर देते हैं। इस धन का उपयोग कर्ज चुकाने और अपने परिवारों के भरण पोषण के लिए किया जाता है। आदेश में शादी के लिए न्यूनतम उम्र का उल्लेख नहीं किया है, हालांकि पहले यह 16 साल निर्धारित थी। अफगानिस्तान में दशकों से महिलाओं को संपत्ति की तरह माना जाता रहा है।

अधिकतर महिलाओं के काम पर लौटने पर प्रतिबंध
हत्या के बदले टोकन के रूप में या विवादों अथवा कबायली झगड़ों को समाप्त करने के लिए भी बेटियों की शादी करा दी जाती है। तालिबान ने कहा है कि वह इस प्रथा के खिलाफ है। तालिबान ने यह भी कहा कि एक विधवा को अब अपने पति की मृत्यु के 17 सप्ताह बाद पुनर्विवाह करने की अनुमति होगी। देश में अब भी 7 से 12वीं कक्षा की हजारों लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं है और तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अधिकतर महिलाओं के काम पर लौटने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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