1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. क्या ईरान गुप्त रूप से बना रहा है परमाणु बम? अमेरिकी खुफिया विभाग ने दी ये रिपोर्ट

क्या ईरान गुप्त रूप से बना रहा है परमाणु बम? अमेरिकी खुफिया विभाग ने दी ये रिपोर्ट

 Published : Jul 11, 2023 01:01 pm IST,  Updated : Jul 11, 2023 01:01 pm IST

ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को लेकर अमेरिका के खुफिया विभाग ने बेहद गुप्त रिपोर्ट जारी की है। बता दें कि ईरान पिछले कई वर्षों से परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम संवंर्धन भी कर रहा है और वह इसके काफी करीब भी पहुंच गया है। मगर खुफिया रिपोर्ट कहती है कि ईरान अभी ऐसा कोई परमाणु हथियार नहीं बना रहा। हालांकि वह सक्रिय है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम की एक तस्वीर- India TV Hindi
ईरान के परमाणु कार्यक्रम की एक तस्वीर Image Source : AP

क्या ईरान गुप्त रूप से परमाणु बम बनाने में जुटा है, क्या ईरान ने परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम जुटा लिया है, क्या ईरान अमेरिका के प्रतिबंधों और धमकियों से बेपरवाह हो चुका है?...फिलहाल ईरान के इरादे तो कुछ ऐसे ही लग रहे हैं। कई बार यह भी खुफिया रिपोर्ट आ चुकी है कि ईरान परमाणु बम बनाने के काफी करीब पहुंच चुका है। अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रमों की पल-पल की निगरानी कर रहा है। अमेरिका की खुफिया एजेंसियां ईरान की हर गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। मगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों के बारे में अब खुलकर बोलने लगा है।

इसी बीच अमेरिका के खुफिया विभाग का आकलन है कि ईरान अभी परमाणु हथियार नहीं बना रहा है, लेकिन उसने ऐसे शस्त्रों के निर्माण में मददगार गतिविधियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय ने सोमवार को जारी अपने आकलन में कहा कि ईरान ने वर्ष 2020 से परमाणु बम बनाने की अपनी क्षमता में वृद्धि तेज कर दी है, लेकिन वह अभी ऐसा कोई हथियार नहीं बना रहा है। इस आकलन के निष्कर्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी प्रशासन के पूर्व के आकलनों से मेल खाते हैं। हालांकि, अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के कई सदस्यों और अन्य नेताओं को इस पर संदेह है। अमेरिका का जो बाइडन प्रशासन ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते में लौटने की अपनी इच्छा का बचाव कर रहा है। इस समझौते को ‘ज्वाइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन’ (जेसीपीओए) नाम दिया गया था।

अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान की गतिविधियां हैं तेज

जेसीपीओए के मुख्य वार्ताकार रॉब मैली के निलंबन से इस समझौते की कोशिशें जटिल हो गई हैं। मैली को उन पर लगे खुफिया दस्तावेजों का समुचित रख-रखव न करने के आरोपों की जांच तक पिछले महीने अवैतनिक अवकाश पर भेज दिया गया था। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय के दो पन्नों के आकलन में कहा गया है, “ईरान फिलहाल प्रमुख परमाणु हथियार विकास गतिविधियां नहीं संचालित कर रहा है, जो एक परीक्षण योग्य परमाणु हथियार के उत्पादन के लिए आवश्यक हैं।” इसमें कहा गया है कि हालांकि, ईरान “अपनी अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में भी वृद्धि कर रहा है, जो उसे परमाणु हथियार के निर्माण को साकार करने के लिए आवश्यक विखंडनीय सामग्री के उत्पादन के करीब ले आएंगी।

ईरान कर रहा यूरेनियम संवर्धन

” आकलन के मुताबिक, इस तरह ईरान यूरेनियम संवर्धन के संबंध में विश्व शक्तियों के साथ 2015 में किए गए परमाणु करार की शर्तों का उल्लंघन करना जारी रख रहा है। अमेरिका का पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन वर्ष 2018 में इस करार से बाहर हो गया था। आकलन के अनुसार, “ईरान अपने यूरेनियम भंडार के आकार और संवर्धन स्तर को जेसीपीओए में स्वीकृत सीमा से आगे बढ़ाना जारी रख रहा है।” इसमें कहा गया है कि ईरान उन्नत सेंट्रीफ्यूज अनुसंधान एवं विकास के संबंध में भी जेसीपीओए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है। (भाषा)

यह भी पढ़ें

Explainer:भारत में 15 साल में 41.5 करोड़ लोग निकले गरीबी से बाहर, UN की रिपोर्ट; जानें कांग्रेस और पीएम मोदी में कौन बेहतर

श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की भारत यात्रा से पहले विदेश सचिव क्वात्रा पहुंचे कोलंबो, चीन क्यों हुआ परेशान?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश