बिहार के समस्तीपुर रेल मंडल द्वारा किए गए सामूहिक तबादले के विरोध में लोग उतर आए हैं। रेलवे रनिंग स्टाफ का मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अनिश्चितकालीन धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद कर्मचारियों का उत्साह कम नहीं हुआ।
बच्चों ने भावनात्मक संदेश दिया
आंदोलन को मजबूती देने के लिए इस बार रनिंग स्टाफ के परिजन, पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों के साथ मुजफ्फरपुर जंक्शन परिसर में धरना स्थल पर पहुंच गए। धरना में शामिल छोटे-छोटे बच्चे भी हाथ में तख्ती लिए बैठे दिखे। बच्चों ने भावनात्मक संदेश भी दिया।
रेल प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की
बच्चों ने हाथों में बैनर, तख्तियां लेकर 'मेरे पापा को न्याय दो' जैसे नारों के साथ रेल प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस दृश्य ने पूरे आंदोलन को मानवीय और संवेदनशील रूप दे दिया। 'हमें न्याय चाहिए','अन्यायपूर्ण तबादला वापस लो' जैसे नारे लगाए और रेल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना है कि अचानक किए गए तबादलों से बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
कई रेल यूनियनों ने एकजुटता दिखाई
यह आंदोलन ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले चल रहा है, यह प्रदर्शन 78 रनिंग स्टाफ जिसमें ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन, ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिलिंग, ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन, ईसीआर कर्मचारी यूनियन और मजदूर कांग्रेस सहित कई रेल यूनियनों ने एकजुटता दिखाई है।
बिना पूर्व सूचना के हुए तबादला
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंडल परिसीमन के बाद अन्य विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार स्टेशन चुनने का अवसर दिया गया, लेकिन रनिंग स्टाफ को इस अधिकार से वंचित रखा गया। बिना पूर्व सूचना एकतरफा प्रशासनिक आदेश जारी कर तबादले किए गए, जो समानता के संवैधानिक अधिकारों के विपरीत हैं।
संजीव कुमार की रिपोर्ट