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छत्तीसगढ़: तेरहवीं का भोजन खाकर एक हफ्ते में 5 की चली गई जान, पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Oct 24, 2025 02:29 pm IST,  Updated : Oct 24, 2025 02:33 pm IST

तेरहवीं का दूषित भोजन खाकर लोग बड़ी संख्या में बीमार पड़ गए। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में कैंप लगाना पड़ा, लोगों को प्राथमिक इलाज दिया गया। एक हफ्ते के अंदर अब तक 5 लोगों की मौत हो गई है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : INDIA TV

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में मृत्यु भोज (तेरहवीं) के कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर दूषित भोजन का सेवन करने से एक हफ्ते में 5 लोगों की मौत हो गई। पीड़ितों के घर पर कोहराम मचा हुआ है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

गांव में ही लोगों का इलाज किया गया

जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टी.आर. कुंवर ने बताया कि 21 अक्टूबर को जिले के ओरछा विकासखंड के डूंगा गांव के घोट पारा में कथित तौर पर दूषित भोजन के सेवन से मृत्यु की सूचना मिली थी। इसके बाद जिलाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर नारायणपुर और बीजापुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा ओरछा के खंड चिकित्सा अधिकारी के दल ने गांव का दौरा कर लोगों का इलाज किया। 

14 से 20 अक्टूबर तक 5 की मौत

कुंवर ने बताया कि ग्रामीणों से चर्चा करने पर जानकारी मिली कि 14 से 20 अक्टूबर तक गांव में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से जानकारी मिली कि गांव में 14 अक्टूबर को मृत्यु भोज का कार्यक्रम था, जिसमें सभी ग्रामीण शामिल हुए थे। मृत्यु भोज में भोजन करने के बाद लगातार उल्टी-दस्त के कारण एक सप्ताह के भीतर पांच लोगों की मृत्यु हो गई। 

मृतकों की हुई पहचान

अधिकारियों ने कहा कि मृतकों की पहचान बेबी (2 महीने), बुधरी (25), बुधराम (24), लख्खे (45) और उर्मिला (25) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि 21 अक्टूबर को स्वास्थ्य दल ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया था, जिसमें कुल 25 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच एवं परीक्षण किया गया। 

पानी उबालकर पीने की सलाह

इनमें से दो मलेरिया, 20 उल्टी-दस्त तथा तीन अन्य बीमारियों से ग्रसित ग्रामीणों का तत्काल उपचार किया गया। उन्होंने कहा कि 60 वर्षीय एक महिला कुमली बाई को भैरमगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। कुंवर ने कहा कि स्वास्थ्य दल गांव में रुककर ग्रामीणों का उपचार कर रहा है तथा उन्हें गर्म भोजन करने तथा पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। (भाषा के इनपुट के साथ)

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