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चीन की एक और खतरनाक साजिश, 2 चीनियों सहित 12 गिरफ्तार; जानें क्या है मामला

 Reported By: Kumar Sonu @Sonu_indiatv
 Published : Jan 15, 2021 06:44 pm IST,  Updated : Jan 15, 2021 06:44 pm IST

दिल्ली पुलिस ने चीन की एक बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने चीनी एप्प के जरिये हजारों लोगों को लूटने वाले गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है।

Work from home and earn fraud, Delhi Police arrest two chinese nationals- India TV Hindi
दिल्ली पुलिस ने चीन की एक बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने चीन की एक बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने चीनी एप्प के जरिये हजारों लोगों को लूटने वाले गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें 2 चीन के नागरिक भी शामिल है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के बैंक एकाउंट को तुरंत ही ब्लॉक करवाकर 6 करोड़ रुपए की रकम को सीज़ किया है। पुलिस को 40 हजार ऐसे लोगों का डाटा भी मिला है जिसे ये चीनी लिंक और सर्वर के जरिये फर्जी एप्प के सहारे मुनाफा कमाने के नाम पर ठगी कर रहे थे।

दरअसल दिल्ली पुलिस को एक शिकायत मिली थी कि लोगों को बड़े पैमाने पर कुछ मैसेज मिल रहे है जिसमे उनको मोटे मुनाफे और घर बैठे कमाई का लालच दिया जाता है, लेकिन कमाई होना तो दूर इसके नाम पर केवल ठगी का धंधा चल रहा है। उसमे सबसे ज्यादा चिंता वाली बात ये थी कि ये एप्प प्ले स्टोर और दूसरे माध्यम से डाउनलोड नहीं हो सकते थे। ये केवल मैसेज के जरिये लोगों को भेजे जा रहे थे जिसमें केवल इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा था। 

पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो सबसे पहले पुलिस ने लिंक का ठिकाना पता किया जो चीन का निकला जहां से बैठकर सर्वर के जरिये ये लिंक भेजे जा रहे थे। ये पूरा नेटवर्क विदेशी नम्बरों से चलाया जा रहा था और लोगों को लालच दिया जाता था कि वो घर बैठे मोबाइल के माध्यम से पैसे कमा सकते है। एक बार लिंक क्लिक करने के बाद लोगों को एक एकाउंट बनाने के लिए कहा जाता था। 

इसके लिए कुछ फीस मांगी जाती थी। फीस भरने के बाद फर्जी लाइक और मेंबर बनाने का काम शुरू होता था। लोगों को उनके मोबाइल एकाउंट में उसके एवज में पैसे भी दिखते थे लेकिन ये पैसे केवल शो होते थे उसे ट्रांसफर करने का कोई ऑप्शन किसी को नही दिया जाता था। जब इस पूरे लिंक की जांच की गई तो पता चला कि ये एप्प चाइनीज सर्वर से ऑपरेट हो रहे है। सबसे चौकाने वाली बात ये थी कि ये वही एप्स थे जिन्हें भारत सरकार ने बैन करवाया था। 

जब कोई यूजर इन पर रजिस्टर करता था तब उसको टास्क दिए जाते थे कि आप इस टास्क पर क्लिक करेंगे तो आपका fb, इंस्टाग्राम या यूट्यूब अकाउंट खुलेगा और आपको वहां वीडियो पर लाइक करना है। अगर आप इन्हें फॉलो करेंगे तो प्रति लाइक या फॉलो करने पर आपको 6 रुपए मिलेंगे। अगर ज्यादा पैसा कमाना है तो वीआईपी अकाउंट खोलना होगा। इसके बाद पेमेंट होती थी। जब पेमेंट करने वालों के बारे में जांच किया गया तब पता चला कि 40 से ज्यादा शैल कंपनियों को ये पैसा जा रहा था।

इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिये पता किया कि उससे जुड़े लोग दिल्ली एनसीआर में बैठे है जहां पर रेड की गई। रेड के बाद 12 लोगों के गिरफ्तार किया गया जिसमें से 2 चाइनीज नेशनल हैं। ये रैकेट 17 दिसम्बर से शुरू हुआ था। इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड विदेश में बैठे है।  जिन लोगों को पकड़ा गया है उनसे 25 लाख रुपए रिकवर हुए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में 10 भारतीय हैं।

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