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अदिति मिश्रा बनीं JNUSU प्रेसिडेंट, पढ़ें बनारस की लड़की के स्टूडेंट पॉलिटिक्स में छा जाने की कहानी

गंगा किनारे वाली अदिति मिश्रा के संघर्ष की कहानी, पढ़ें बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से अदिति मिश्रा दिल्ली की नामी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैसे पहुंचीं और वहां की स्टूडेंट पॉलिटिक्स में छा गईं।

Written By: Vinay Trivedi
Published : Nov 07, 2025 07:39 am IST, Updated : Nov 07, 2025 07:41 am IST
Aditi Mishra JNUSU President- India TV Hindi
Image Source : PTI/@ADITI.AISA_ गंगा किनारे वाली अदिति मिश्रा JNU स्टूडेंट पॉलिटिक्स में कैसे छाईं?

नई दिल्ली: जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव में लेफ्ट संगठनों ने अपना परचम लहरा दिया है। प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेटरी और ज्वाइंट सेक्रेटरी चारों पर पदों पर लेफ्ट काबिज हो गया है। जेएनयू में वोटिंग 4 नवंबर को हुई थी। खास बात ये है कि जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव में प्रेसिडेंट AISA की अदिति मिश्रा बनी हैं। उन्होंने ABVP के विकास पटेल को 414 वोटों से हरा दिया। अदिति मिश्रा ने कुल 1,861 वोट हासिल किए जबकि विकास पटेल 1,447 मत ही पा सके। इस खबर में पढ़िए कि गंगा किनारे वाली अदिति मिश्रा ने यमुना नदी के किनारे बसे दिल्ली शहर में आकर स्टूडेंट पॉलिटिक्स में अपना बड़ा नाम कैसे बनाया।

जब BHU में अदिति ने खोला मोर्चा

वाराणसी से ताल्लुक रखने वाली अदिति मिश्रा ने स्कूलिंग यूपी से ही की। अदिति जब ग्रेजुएशन कर रही थीं, उन दिनों सितंबर, 2017 में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने कर्फ्यू टाइमिंग का विरोध किया था। अदिति ने इस अलोकतांत्रिक और पितृसत्तात्मक व्यवस्था के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई थी। इसके बाद साल 2018 में, जब अदिति मिश्रा ने पुडुचेरी यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया तब वहां उन्होंने विश्वविद्यालय के कथित भगवाकरण का विरोध किया। उन्होंने तब वाइस चांसलर के दफ्तर का घेराव किया था।

फीस बढ़ोतरी के खिलाफ बुलंद की आवाज

इसके बाद 2019 में, प्रशासन ने पुडुचेरी यूनिवर्सिटी के सभी कोर्स की ट्यूशन फीस में भारी बढ़ोतरी की, जिसके खिलाफ स्टूडेंट्स ने एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक की तालाबंदी कर दी थी। अदिति ने मनमानी फीस बढ़ाने के खिलाफ प्रदर्शन किया और इसके साथ ही एंटी सीएए विरोध प्रदर्शनों के साथ भी एकजुटता दिखाई थी। फीस बढ़ोतरी विरोधी प्रदर्शन में अदिति मिश्रा की आवाज हाशिए पर पड़े स्टूडेंट्स के अधिकार छीनने के खिलाफ जोरदार तरीके से गूंजी थी।

प्रेसिडेंट पद तक कैसे पहुंचीं अदिति?

अदिति मिश्रा जब पीएचडी के दूसरे साल में पहुंचीं तब उन्हें जेएनयू की स्टूडेंट बॉडी में इंटरनल कमिटी का प्रतिनिधि चुना गया। तब उन्होंने कमिटी को जेएनयू के स्टूडेंट्स के लिए जवाबदेह बनाया। इसी तरह अदिति स्टूडेंट्स के बीच में लोकप्रिय होती गईं। अदिति ने इस साल के जेएनयूएसयू चुनाव में लेफ्ट यूनिटी पैनल से AISA एक्टिविस्ट के रूप में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वह अपनी राजनीति को जेंडर जस्टिस के लिए प्रतिबद्ध बताती हैं।

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