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दिल्ली में जल्द शुरू होंगे 46 स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल, 10 हजार छात्र ले सकेंगे एडमिशन

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 29, 2023 11:23 am IST,  Updated : Mar 29, 2023 11:27 am IST

दिल्ली में जल्द 46 स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल शुरू होंगे। इनमें से एक 'डॉ. बी.आर.अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस' बनकर तैयार किया गया है। कहा जा रहा कि इस स्कूल में पढ़ाई विश्वस्तरीय होगी।

Atishi- India TV Hindi
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी Image Source : ANI

दिल्ली के सरकारी स्कूलों का नाम जगजाहिर है। इन स्कूलों की पढ़ाई में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। इसी के तहत दिल्ली में एक और 'डॉ. बी.आर.अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस' बनकर तैयार किया गया है। मंगलवार को यह स्कूल दिल्लीवासियों को समर्पित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा, राणा प्रताप बाग का ये स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस दिल्ली के बेहतरीन स्कूलों में से एक है। इसमें उपलब्ध सुविधाएं इंफ्रास्ट्रक्चर शानदार है, जिससे गरीब से गरीब तबके से आने वाले बच्चो के लिए भी विश्वस्तरीय शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। जल्द ही दिल्ली में 46 एक्सीलेंस स्कूल हो जाएंगे।

400 छात्रों के बैठने की सुविधा 

राणा प्रताप बाग में बना ये स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस ह्युमैनिटीज डोमेन का स्पेशलाइज्ड स्कूल होगा। स्कूल में 400 छात्रों के बैठने की सुविधा है। स्कूल में शानदार क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी, मल्टीपर्पस हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाएँ मौजूद हैं। दिल्ली सरकार की योजना साल 2023-24 में 37 भवनों में 46 डॉ बी.आर.अम्बेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस (एसओएसई) बनाने की है। जहां करीब 10 हजार छात्र एडमिशन ले सकेंगे। एकेडमिक सेशन 2023-24 के लिए एसओएसई में लगभग 4400 सीटों के लिए दिल्ली सरकार को 92 हजार छात्र-छात्राओं के एप्लीकेशन प्राप्त हुए हैं।

"सरकारी स्कूलों के बाहर लम्बी लाइन"

शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि साल 2015 से पहले निजी स्कूलों के बाहर एडमिशन की लम्बी-लम्बी लाइन हुआ करती थी, लेकिन मनीष सिसोदिया की दूरदर्शिता के कारण ही आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बाहर लम्बी लाइन लगती है। इसका उदाहरण है कि स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस में 4400 सीटों के लिए एडमिशन आमंत्रित करता है तो दिल्ली के 92000 बच्चे उसके लिए अप्लाई करते हैं। उन्होने कहा कि आज दिल्ली में पढ़ने वाले बच्चे तथा उनके माता-पिता का सर गर्व से तब ऊंचा हो जाता है हो जाता जाता जब उनके बच्चे का दाखिला दिल्ली सरकार के स्कूलों में होते हैं।

"स्कूल में पढ़ने पर गर्व"

क्षेत्रीय विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने कहा कि, यह शानदार स्कूल कभी बहुत दयनीय स्थिति में था। जब तत्कालीन शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया मेरे साथ पहली बार इस स्कूल में विजिट करने आए थे। तब यह स्कूल क्षेत्र का सबसे जर्जर स्कूल था। उन्होंने कहा था बहुत जल्द एक दिन ऐसा आएगा जब बच्चे इस स्कूल में पढ़ने पर गर्व करेंगे। मनीष की मेहनत से आज वो मौका आ गया है।

इनपुट- आईएएनएस

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