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NEET UG 2024 Eligibility Criteria: बायोलॉजी अब नहीं रहा अनिवार्य, NMC ने गाइडलाइन में किया संशोधन

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 23, 2023 05:02 pm IST,  Updated : Nov 23, 2023 05:17 pm IST

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने NEET UG 2024 के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को रिवाइज्ड किया है। एलिजिबिलिटी में किए गए संशोधन के बाद जिन स्टूडेंट्स ने 12वी में एडिशनल विषय के रूप में अंग्रेजी के साथ फिजिक्स, केमिस्ट्री और जीव विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी को भी पढ़ा है, वे इस परीक्षा के लिए पात्र होंगे।

सांकेतिक फोटो- India TV Hindi
सांकेतिक फोटो Image Source : FILE

NMC NEET UG 2024 Eligibility Criteria: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने NEET UG 2024 पात्रता मानदंड को संशोधित किया है। संशोधित मानदंडों के अनुसार, जिन उम्मीदवारों ने अपनी 12वीं कक्षा में अतिरिक्त विषयों के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी का अध्ययन किया है, वे मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। NMC ने बुधवार को जारी किए एक पब्लिक नोटिस में कहा कि यह निर्णय उन छात्रों पर भी लागू होगा जिनके आवेदन पहले खारिज कर दिए गए थे। 

आपको बता दें कि नीट परीक्षा में शामिल होने के लिए पहले की पात्रता के अनुसार, आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को फिजिक्स, केमिस्ट्री और जीव विज्ञानय /जैव प्रौद्योगिकी का अनिवार्य विषयों के रूप में अध्ययन करना आवश्यक था। बता दें कि पाठ्यक्रम को अपडेट करने का फैसला राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने जून महीने में आयोजित अपनी बैठक में नई शिक्षा नीति (एनईपी) पर विचार करने के बाद लिया था।

पात्रता मानदंड को संशोधित करने का निर्णय नई शिक्षा नीति (एनईपी) - 2020 पर विचार करने के बाद लिया गया था। जून में हुई बैठक के अनुसार, यह निर्णय लिया गया कि उम्मीदवारों को अंग्रेजी के साथ-साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी सहित आवश्यक विषयों का अध्ययन करने की अनुमति देकर पूर्ववर्ती मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पिछले दृष्टिकोण को संशोधित करने की आवश्यकता है। 

इससे पहले स्टूडेंट्स को 11वीं और 12वीं में अंग्रेजी के साथ-साथ प्रैक्टिकल के साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी विषयों का 2 साल का नियमित/निरंतर/कोटर्मिनस अध्ययन करना जरूरी था। यह दो साल की पढ़ाई नियमित स्कूलों से पूरी की जानी थी, न कि ओपन स्कूलों या निजी उम्मीदवारों के रूप में। इसके अलावा, 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषय के रूप में जीव विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी या किसी अन्य अपेक्षित विषय की पढ़ाई पूरी नहीं की जा सकती। हालांकि, आयोग द्वारा जारी किए गए नए आदेश ने इसे बिलकुल उलट दिया है।

 

 

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