वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर कड़ी नजर रखी जा रही है और एक विशाल नौसैनिक बेड़ा खाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने गुरुवार को एयर फोर्स वन में मीडियाकर्मियों से कहा, "मैंने कहा था, अगर तुम उन लोगों को फांसी दोगे, तो तुम पर पहले से कहीं ज्यादा जोरदार हमला होगा। तुम्हारे ईरान परमाणु कार्यक्रम पर हमने जो किया था, वह मूंगफली जैसा लगेगा।"
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से वॉशिंगटन डीसी के पास जॉइंट बेस एंड्रयूज लौट रहे थे। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "हमारे पास एक विशाल बेड़ा उस दिशा में जा रहा है और हो सकता है कि हमें इसका इस्तेमाल ना करना पड़े, हम देखेंगे।" ट्रंप ने आगे कहा, "हो सकता है कि हमें इसका इस्तेमाल ना करना पड़े...हमारे बहुत सारे जहाज उस दिशा में जा रहे हैं, बस एहतियात के तौर पर, हमारे पास एक बड़ा बेड़ा उस दिशा में जा रहा है, और हम देखेंगे कि क्या होता है।"
'...तो अमेरिका करेगा कार्रवाई'
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह अमेरिकी मीडिया ने बताया था कि USS अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और उसके जहाजों के स्ट्राइक ग्रुप को दक्षिण चीन सागर में युद्धाभ्यास से पश्चिम एशिया की ओर मोड़ने का आदेश दिया गया था। बुधवार को अमेरिकी ब्रॉडकास्टर CNBC से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ आगे कोई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन साथ ही यह भी दोहराया था कि अगर तेहरान अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू करता है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा था, "अगर वो ऐसा करते हैं, तो यह फिर से होगा।" अमेरिका ने जून 2025 में ईरान की परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
ईरान करेगा घातक पलटवार
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वॉल स्ट्रीट जर्नल अखबार में लिखते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो तेहरान जवाबी कार्रवाई करेगा।" मंत्री ने लिखा, "हमारे शक्तिशाली सशस्त्र बलों को, अगर हम पर फिर से हमला होता है तो हमारे पास जो कुछ भी है, उससे जवाबी कार्रवाई करने में कोई हिचक नहीं होगी।" अराघची ने कहा कि उनकी चेतावनी कोई धमकी नहीं है। उन्होंने कहा, "टकराव निश्चित रूप से भयंकर होगा और इजरायल और उसके एजेंट व्हाइट हाउस को जो काल्पनिक समयसीमा बेचने की कोशिश कर रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा लंबा चलेगा।" अराघची ने कहा, "यह निश्चित रूप से व्यापक क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेगा और दुनिया भर के आम लोगों पर इसका असर पड़ेगा।"
ईरान में हजारों लोगों की हुई मौत
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सरकार विरोधी सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बाद ईरान में अंदरूनी उथल-पुथल जारी है। अल जजीरा के अनुसार, मानवाधिकार समूह विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने कहा कि मरने वालों की संख्या कम से कम 5002 हो गई है, जबकि 26,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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