हर साल 26 जनवरी के दिन बड़े ही जोश के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस की परेड को देखने के लिए लोग काफी ज्यादा उत्सुक रहते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गणतंत्र दिवस की परेड आमतौर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होती है। कर्तव्य पथ जिसे पहले राजपथ के नाम से जाना जाता था, नई दिल्ली का एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मार्ग है। कर्तव्य पथ राष्ट्रपति भवन से शुरू होकर विजय चौक और इंडिया गेट होते हुए राष्ट्रीय स्टेडियम तक जाता है।
कितने किलोमीटर की होती है परेड- गणतंत्र दिवस की परेड की बात की जाए, तो आमतौर पर इस परेड का मार्ग लगभग 8 से 9 किलोमीटर लंबा होता है। गणतंत्र दिवस की परेड की शुरुआत राष्ट्रपति भवन के पास से होती है। इसके बाद परेड इंडिया गेट से पास करते हुए लाल किले तक जाती है। परेड का मार्ग काफी लंबा होता है। गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह कर्तव्य पथ पर होता है।
कितने तोपों की सलामी- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर 21 तोपों की सलामी दी जाती है। इस बार 21 तोपों की सलामी देने के लिए 105 मिमी लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया जाएगा। आपको बता दें कि ये गन पूरी तरह से स्वदेशी है। 17.2 किलोमीटर तक फायरपावर वाली ये गन एक मिनट में 6 राउंड फायर कर सकती है।
गौर करने वाली बात- क्या आप जानते हैं कि इस प्रक्रिया की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने से होती है? आइए 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के इतिहास के बारे में भी थोड़ी जानकारी हासिल कर लेते हैं। आपको याद दिला दें कि 26 जनवरी 1950 को देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण किया था और भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था। इसके बाद से हर साल इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।