अगर आप फरीदाबाद के विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले के बारे में जानते हैं तो यकीनन आप इस मेले में जाने के लिए काफी उत्सुक होंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस साल 39वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की शुरुआत होने वाली है। सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की यूनिक डाइवर्सिटी देखने का मौका मिलता है। फरीदाबाद के इस प्रसिद्ध मेले में भारत की ग्रामीण विशेषता को प्रदर्शित किया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फरीदाबाद के अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की शुरुआत 31 जनवरी 2026 से होने जा रही है। ये मेला 15 फरवरी तक चलने वाला है यानी आप 31 जनवरी से 15 फरवरी के बीच कभी भी इस मेले को एक्सप्लोर करने का प्लान बना सकते हैं। कला और संस्कृति को पसंद करने वाले लोगों को इस मेले में जाकर काफी अच्छा लगता है।
आसान और सस्ता रूट- क्या आप भी फरीदाबाद के विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में जाना चाहते है? अगर हां, तो आप इस रूट को फॉलो कर सकते हैं। प्रशासन की तरफ से लोगों के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। मेले में जाने के लिए 31 जनवरी से बल्लभगढ़ से रोज सुबह 7 बजे बसें चलेंगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां से हर 30 मिनट में यानी हर आधे घंटे में नई बस चलने का इंतजाम किया गया है। बल्लभगढ़, बदरपुर और बड़खल मेट्रो स्टेशन से सूरजकुंड जाने के लिए बस पकड़ी जा सकती है।
एक्सप्लोर करने लायक मेला- इस मेले में आपको काफी कुछ देखने को मिल सकता है। सूरजकुंड शिल्प मेले की खासियत की बात की जाए, तो यहां मिलने वाले हैंडीक्राफ्ट्स काफी पॉपुलर हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से कारीगर अपने हाथों से बनाई चीजों को इस मेले में प्रदर्शित करते हैं। इसके अलावा मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की नक्काशी, हाथ से बुने हुए कपड़े, ज्वेलरी, प्रिंटेड फैब्रिक और होम डेकोर की चीजें भी लोगों को काफी ज्यादा आकर्षित करती हैं।