ढाका: बांग्लादेश की सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने कहा कि 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव बांग्लादेश में भविष्य के सभी चुनावों के लिए एक नजीर बनेंगे। उन्होंने यह स्टेंटमेंट तब दिया, जब बांग्लादेश में नव नियुक्त अमेरिकी राजदूत ब्रेंट क्रिस्टेंसन ने ढाका के स्टेट गेस्ट हाउस जमुना में मोहम्मद यूनुस से अपनी पहली शिष्टाचार भेंट की। बैठक में दोनों पक्षों ने फरवरी के आम चुनाव, अंतरिम सरकार की तरफ से पारित व्यापक श्रम कानून, प्रस्तावित बांग्लादेश–अमेरिका टैरिफ डील और रोहिंग्या संकट सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
बांग्लादेश में तैनात होंगे विदेशी चुनाव पर्यवेक्षक
बता दें कि ये जानकारी बांग्लादेश सरकार के चीफ मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की है। इसमें मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की विदेश नीति पहलों पर भी रोशनी डाली, जिनमें ASEAN की मेंबरशिप के लिए ढाका की तरफ से प्रस्तावित पहल और SAARC को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता शामिल है। उन्होंने बताया कि अंतरिम सरकार 12 फरवरी, 2026 को बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यूरोपीय संघ चुनाव के लिए बड़ी संख्या में चुनाव पर्यवेक्षक बांग्लादेश में तैनात करेगा।
चुनाव से मोहम्मद यूनुस को क्या है उम्मीद?
साथ ही, मोहम्मद यूनुस ने उम्मीद जताई कि अन्य विकास साझेदार भी इलेक्शन की निगरानी के लिए उनके देश में पर्यवेक्षक भेजेंगे। उन्होंने आगे कहा, 'यह एक उत्सव जैसा चुनाव होगा। यह फ्यूचर में अच्छे चुनावों के लिए मानक तय करेगा।'
अमेरिकी राजदूत ने क्यों की यूनुस की तारीफ?
इसके जवाब में, अमेरिकी राजदूत ब्रेंट क्रिस्टेंसन बोले कि फरवरी के चुनाव में जो भी जीतेगा, वे उसके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं। इसके साथ ही उन्होंने अंतरिम सरकार की तरफ से किए जा रहे अहम सुधारों की तारीफ भी की। अमेरिकी राजदूत ने पिछले 18 महीनों में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व की सराहना की।
क्या कम होगा बांग्लादेश पर ट्रंप का टैरिफ?
इसके बाद मोहम्मद यूनुस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से बांग्लादेशी निर्यात पर टैरिफ कम किए जाने को लेकर शुक्रिया कहा। साथ ही, उम्मीद जताई कि चल रही व्यापार वार्ताओं से भविष्य में टैरिफ में और कटौती होगी। इसके बाद, प्रोफेसर यूनुस ने साउथ-ईस्ट बांग्लादेश में कैंप्स में रह रहे 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमानों को अमेरिका की तरफ से दी जा रही मानवीय सहायता की भी तारीफ की।
यह भी पढ़ें:
ईरान पर होगा हमला? तेहरान के करीब पहुंचा अमेरिका का सबसे विध्वंसक जंगी बेड़ा
अमेरिका ने WHO से खुद को किया बाहर, जिनेवा में हेडक्वार्टर के बाहर से उतारा गया झंडा