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लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद नेताओं के रूठने-मनाने का सिलसिला जारी

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 26, 2019 09:41 am IST,  Updated : Mar 26, 2019 10:51 am IST

रूठने-मनाने का दौर एनडीए ही नहीं कांग्रेस में भी चल रहा है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने से संजय निरुपम भी पार्टी से नाराज हो गए हैं।

लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद नेताओं के रूठने-मनाने का सिलसिला जारी- India TV Hindi
लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद नेताओं के रूठने-मनाने का सिलसिला जारी

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है लेकिन नेताओं के रूठने-मनाने का सिलसिला जारी है। कमोबेश सभी दलों का एक जैसा ही हाल है। कई नेता अपनी मांगों के नहीं माने जाने से तो कई नेता टिकट काटे जाने से नाराज हैं। विरोधियों पर तीखे शब्दों के वाण छोड़ने वाले केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह की जुबान इन दिनों बस यही रोना रो रही है कि सीट क्यों बदल दी। नवादा से बेगूसराय क्यों भेज दिया।

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गिरिराज बिहार के नवादा से सांसद हैं लेकिन पार्टी ने उन्हें बेगूसराय से चुनाव लड़ने को कहा है। गिरिराज इस बात से रूठ गए हैं और किसी कीमत पर बेगूसराय से चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। गिरिराज का सवाल है जब बिहार में किसी केंद्रीय मंत्री की सीट नहीं बदली तो उनकी सीट क्यों बदली।

गिरिराज सीट बदलने से रूठे हैं तो उत्तर प्रदेश में सहयोगी ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सीट की संख्या न बढ़ने से नाराज है। नाराज राजभर ने बीजेपी को अल्टीमेटम तक दे दिया है और कहा है कि अगर आज शाम तक लोकसभा की पांच सीटें उनकी पार्टी को नहीं मिली तो वो एनडीए से अलग हो जाएंगे। राजभर यूपी की घोसी, अंबेडकरनगर, जौनपुर और चंदौली के साथ साथ लालगंज या मछलीशहर में से एक सीट पर अपना दावा जताया है।

रूठने-मनाने का दौर एनडीए ही नहीं कांग्रेस में भी चल रहा है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने से संजय निरुपम भी पार्टी से नाराज हो गए हैं। संजय निरुपम की जगह मिलिंद देवड़ा को मुंबई कांग्रेस का नया चीफ बनाया गया है। सूत्रों की मानें तो निरुपम को मनाने के लिए ही कांग्रेस ने उन्हें नॉर्थ मुंबई की जगह उनकी पसंदीदा सीट नॉर्थ-वेस्ट मुंबई से टिकट दे दिया है। हालांकि अब जब पार्टी ने फॉर्मूला तय कर दिया है तो संजय कह रहे हैं वो चुनाव पर ध्यान केद्रित करने के लिए ही अध्यक्ष पद से हटना चाह रहे थे।

संजय निरुपम का ये बयान अंगूर खट्टे हैं जैसा ही है। वैसे नाराजगी की बात चल पड़़ी है तो नाराज कई और भी हैं। चाहें जितिन प्रसाद हों, अशोक चव्हाण, राशिद अल्वी और निखिल कुमार हों, ये सब भी इसी फेहरिस्त में हैं तो गांधीनगर से टिकट काटने के तरीके से अगर लाल कृष्ण आडवाणी नाराज बताए जा रहे हैं तो शाहनवाज हुसैन और मृगांका सिंह टिकट नहीं मिलने से आहत हैं।

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