चार साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार 'द फैमिली मैन' सीजन 3 प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो चुका है और श्रीकांत तिवारी एक नए और भी खतरनाक मिशन के साथ लौट आए हैं। पिछला सीजन कई अनसुलझे सवालों के साथ खत्म हुआ था, खासकर चीन के प्रोजेक्ट गुआन यू की धमकी को लेकर। सीजन 3 उसी अधूरी कहानी को उठाता है और बताता है कि भारत के सामने यह नया खतरा वास्तव में कितना बड़ा है। कहानी में मनोज बाजपेयी श्रीकांत के रोल में हैं और जयदीप अहलावत ने रुकमा का करिदार निभाया है। निम्रत कौर का भी किरदार मजबूत है।
सीजन 3 की मुख्य कहानी
श्रीकांत (मनोज बाजपेयी) और उनकी पत्नी सुचि (प्रियमणि) वैवाहिक तनाव से गुजर रहे हैं। इसी बीच देश के नॉर्थईस्ट में राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है, जिसके बीच शांति स्थापित करने के लिए प्रोजेक्ट सहकार की योजना बनाई जाती है। इसे सफल बनाने के लिए कई संगठनों को एक मंच पर लाया जा रहा है। लेकिन लंदन में बैठकर मीरा (निमरत कौर) फैसले ले रही है, क्योंकि भारतीय सिस्टम में कोई ऐसा भेदिया है जो हर कदम की जानकारी लीक कर रहा है। इस संकट के बीच एंट्री होती है रुक्मा (जयदीप अहलावत) की, जिसे प्रोजेक्ट सहकार के दो महत्वपूर्ण स्तंभों की हत्या करने के लिए भेजा गया है और वह इसमें सफल भी होता है। पीछा करते समय श्रीकांत अपने गुरु और बॉस गौतम कुलकर्णी (दलीप ताहिल) को खो देता है।
श्रीकांत पर शक, TASC में उथल-पुथल
हालात ऐसे बनते हैं कि TASC ही श्रीकांत पर शक करने लगता है, और उसे सस्पेंड कर दिया जाता है। उनका मानना है कि इन हत्याओं के पीछे वही है। श्रीकांत शुरू में स्टीफन (पालिन कबाक) को दोषी मानता है, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर उसे सच्चाई पता लगती है, कुलकर्णी की हत्या रुक्मा ने की थी। उधर SIT जांच का नेतृत्व कर रहा यतीश (हरमन सिंघा) अपने निजी एजेंडे पर काम कर रहा है। दूसरी तरफ जोया (श्रेया धनवंतरी), जो ऊपर से श्रीकांत के खिलाफ दिखाई देती है। असल में अंदर से उसकी मदद कर रही होती है। वह JK (शारिब हाशमी) और एक इन-हाउस हैकर के साथ मिलकर श्रीकांत को बचाने की कोशिश करती है। श्रीकांत की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर विपक्ष तिवारी परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया कैंपेन छेड़ देता है, यहां तक कि उनके डिवोर्स पेपर्स लाइव टीवी पर फ्लैश कर दिए जाते हैं। धृति और अथर्व स्कूल-बॉलीवुड में बुलींग और ट्रोलिंग के चलते सस्पेंड हो जाते हैं।
चेज, खतरे और बड़ा खुलासा
उधर श्रीकांत, माइकल वेदनायगम (विजय सेतुपति) की मदद से बॉर्डर पार कर रुक्मा का पीछा जारी रखता है। रुक्मा ने भारतीय सैनिकों को कस्टडी में लिया हुआ है, जिन्हें श्रीकांत किसी तरह बचा लेता है, लेकिन इस प्रक्रिया में वह गंभीर रूप से घायल हो जाता है, और रुक्मा फिर भी हाथ से निकल जाता है। इस बीच सुचि, धृति और अथर्व को नकली ‘पुलिस’ कस्टडी में ले लिया जाता है, जो असल में एक ट्रैप है। ज़ोया और सलोनी (गुल पनाग) उन्हें बचाती हैं, और इसी दौरान जोया यतीश को गोली मार देती है। मीरा और रुक्मा के बीच बढ़ती भावनाएं कहानी में नया मोड़ जोड़ती हैं, खासकर क्योंकि रुक्मा अपनी गर्लफेंड की मौत का बदला लेना चाहता है।
क्या लोनावाला का राज खुला?
सीजन 3 में भी सुचि और अरविंद (शरद केलकर) की लोनावाला ट्रिप का रहस्य उजागर नहीं होता। इस राज के लिए दर्शकों को अभी और इंतज़ार करना पड़ेगा। सीजन का अंत श्रीकांत और रुक्मा की अधूरी कहानी के साथ होता है और साफ दिखता है कि द फैमिली मैन का अगला सीजन और भी दमदार होने वाला है।
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