Fact Check: आए दिन सोशल मीडिया पर कोई न कोई वीडियो या फोटो वायरल होती रहती हैं। इनमें से कई का तो सच्चाई से दूर-दर तक नाता नहीं होता। या यूं कहें कि पोस्ट और वीडियो को गलत या भ्रामक दावे से वायरल किया जाता है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर एक फोटो बहुत तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में पाकिस्तानी झंडे में लिपटे ताबूतों की फोटो को पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक से जोड़कर वायरल किय जा रहा है। हालांकि, जब हमने इस दावे की जांच की तो सच्चाई कुछ और ही निकली।
क्या हो रहा वायरल?
सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी झंडे में लिपटे ताबूतों की फोटो आग की तरह फैल रही है, जिसे पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक से जोड़कर बताया जा रहा है। फोटो में पाकिस्तानी झंडे में लिपटे कई ताबूत साफ दिख रहे हैं। इस फोटो एक्स, फेसबुक समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया गया है। यूजर्स ने फोटो को शेयर करते हुए लिखा है,"कायर थे, लड़े बिना ही कुत्ते की मौत मारे गए!"।

कैसे पता लगी सच्चाई?
वीडियो वायरल होने के बाद हमने मामले की जांच की तो सच कुछ अलग ही निकल कर आया। जब हमने रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें इंडिपेंडेंट मीडिया संस्थान की 2011 की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के मरदान में स्थित एक मिलिट्री बेस में एक तालिबानी आत्मघाती हमलावर ने धमाका किया था, जिसमें कम से कम 31 सैनिक और कैडेट मारे गए और 40 से अधिक लोग घायल भी हुए थे। इससे साफ होता है कि वायरल हो रही फोटो का बलूचिस्तान ट्रेन हाईजैक से कोई संबंध नहीं है।

फैक्ट चेक में क्या निकला?
इंडिया टीवी द्वारा किए गए एक फैक्ट चेक से पुष्टि हुई है कि वायरल फोटो पुरानी का बलूचिस्तान ट्रेन हाईजैक से कोई नाता नहीं है। से में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों और दावों से सतर्क रहें और इनपर विश्वास न करें।