Friday, February 06, 2026
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पटरियों से बिजली पैदा करेगा रेलवे, वाराणसी में ट्रैक के बीचों-बीच लगाए गए सोलर पैनल

Sunil Chaurasia Written By: Sunil Chaurasia Published : Aug 18, 2025 03:40 pm IST, Updated : Aug 18, 2025 03:40 pm IST
  • भारतीय रेल ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पटरियों के बीच सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन शुरू किया है। रेलवे ने वाराणसी के लोकोमोटिव कारखाने- बनारस लोकोमोटिव वर्क्स के कैंपस में स्थित पटरियों पर सोलर पैनल लगाकर चालू कर दिए हैं। बताते चलें कि देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब पटरियों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा की जा रही है।
    Image Source : https://x.com/RailMinIndia
    भारतीय रेल ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पटरियों के बीच सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन शुरू किया है। रेलवे ने वाराणसी के लोकोमोटिव कारखाने- बनारस लोकोमोटिव वर्क्स के कैंपस में स्थित पटरियों पर सोलर पैनल लगाकर चालू कर दिए हैं। बताते चलें कि देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब पटरियों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा की जा रही है।
  • भारतीय रेल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 70 मीटर लंबे ट्रैक पर कुल 28 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनकी क्षमता 15KWp है। ये सोलर पैनल रोजाना 67 यूनिट बिजली का उत्पादन करेंगे। भारतीय रेलवे ने इस सोलर पैनल को शुक्रवार, 15 अगस्त को शुरू किया था।
    Image Source : https://x.com/RailMinIndia
    भारतीय रेल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 70 मीटर लंबे ट्रैक पर कुल 28 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनकी क्षमता 15KWp है। ये सोलर पैनल रोजाना 67 यूनिट बिजली का उत्पादन करेंगे। भारतीय रेलवे ने इस सोलर पैनल को शुक्रवार, 15 अगस्त को शुरू किया था।
  • पटरियों पर लगाए गए इन सोलर पैनल से रेल यातायात पर किसी भी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और यातायात सामान्य रूप से चलेगा। इतना ही नहीं, अगर कभी जरूरत पड़ी तो इन सोलर पैनल को बाहर भी निकाला जा सकता है।
    Image Source : https://x.com/RailMinIndia
    पटरियों पर लगाए गए इन सोलर पैनल से रेल यातायात पर किसी भी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और यातायात सामान्य रूप से चलेगा। इतना ही नहीं, अगर कभी जरूरत पड़ी तो इन सोलर पैनल को बाहर भी निकाला जा सकता है।
  • पटरियों पर सोलर पैनल को लगाने के लिए रबर माउंटिंग पैड लगाए गए हैं ताकि ट्रेन गुजरने से जो वाइब्रेशन होगा, उसे कंट्रोल किया जा सके। इन सोलर पैनल को स्टेनलेस स्टील से बने बोल्ट के साथ फिक्स किया गया है, जिन्हें पटरियों की मेनटेनेंस के दौरान आसानी से खोला जा सकता है।
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    पटरियों पर सोलर पैनल को लगाने के लिए रबर माउंटिंग पैड लगाए गए हैं ताकि ट्रेन गुजरने से जो वाइब्रेशन होगा, उसे कंट्रोल किया जा सके। इन सोलर पैनल को स्टेनलेस स्टील से बने बोल्ट के साथ फिक्स किया गया है, जिन्हें पटरियों की मेनटेनेंस के दौरान आसानी से खोला जा सकता है।
  • अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में देशभर में स्थित रेलवे यार्ड में इस तरह का प्रयोग किया जा सकता है। बताते चलें कि भारतीय रेल अपने कई रेलवे स्टेशनों पर छतों पर लगाए जाने वाले रूफटॉप सोलर पैनल से रोजाना बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन कर रही है।
    Image Source : https://x.com/blwvaranasi
    अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में देशभर में स्थित रेलवे यार्ड में इस तरह का प्रयोग किया जा सकता है। बताते चलें कि भारतीय रेल अपने कई रेलवे स्टेशनों पर छतों पर लगाए जाने वाले रूफटॉप सोलर पैनल से रोजाना बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन कर रही है।