Saturday, February 07, 2026
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गुजरात में राशन की करीब 17 हजार दुकानें हुईं बंद, जानें क्यों हड़ताल पर गए दुकानों के मालिक

गुजरात में करीब 17 हजार राशन दुकानों के मालिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। वे कमीशन 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने, अनाज वितरण में नुकसान का मुआवजा देने और निगरानी कमेटी के नियमों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Nov 01, 2025 11:06 pm IST, Updated : Nov 01, 2025 11:06 pm IST
Gujarat ration shop strike, Fair Price Shop Owners protest- India TV Hindi
Image Source : PTI गुजरात में राशन की करीब 17 हजार दुकानों पर शनिवार से ताला लग गया।

अहमदाबाद: गुजरात में राशन की करीब 17 हजार दुकानें यानी कि फेयर प्राइस शॉप्स शनिवार से बंद हो गईं। दुकान मालिकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी मुख्य मांग है कि हर महीने की कमीशन कम से कम 30 हजार रुपये की जाए। इसके अलावा अनाज बांटने में होने वाले नुकसान का मुआवजा और निगरानी कमेटी के नियमों में बदलाव की भी मांग की जा रही है। ऑल गुजरात फेयर प्राइस शॉप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह जडेजा ने बताया कि महंगाई बढ़ने की वजह से दुकान चलाना मुश्किल हो रहा है। अभी सरकार हर महीने 20 हजार रुपये कमिशन देती है।

'20 हजार रुपये में गुजारा नहीं'

जडेजा ने कहा, 'महंगाई के इस दौर में कई दुकानदार 20 हजार रुपये में गुजारा नहीं कर पा रहे। इसलिए हम मांग कर रहे हैं कि कमीशन 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया जाए।' जडेजा ने अनाज बांटने के दौरान होने वाले नुकसान पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, '50 किलो की बोरी से लाभार्थियों को अनाज बांटते वक्त थोड़ा-बहुत नुकसान हो ही जाता है। पहले सरकार इसकी भरपाई करती थी, लेकिन अब बंद कर दिया गया है। उल्टा हमें चोरी का आरोप लगाकर अंतर की रकम भरने को मजबूर किया जा रहा है। यह गलत है।'

निगरानी कमेटी का नया नियम

राज्य सरकार ने हाल ही में आदेश दिया था कि स्टॉक उतारते वक्त स्थानीय निगरानी कमेटी के कम से कम 80 फीसदी सदस्य मौजूद रहें और बायोमेट्रिक दें। दुकानदारों के विरोध के बाद इसे बदलकर 50 फीसदी कर दिया गया। लेकिन जडेजा ने कहा, 'हम कह रहे हैं कि सदस्यों को बुलाने और बायोमेट्रिक लेने की जिम्मेदारी दुकान मालिकों की नहीं होनी चाहिए। अगर कोई न आए तो स्टॉक नहीं उतरेगा, और लाभार्थी परेशान होंगे जो दुकान पर इंतजार कर रहे होते हैं।'

लाखों लाभार्थी हो रहे प्रभावित

एसोसिएशन के सदस्यों और फूड, सिविल सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट की प्रिंसिपल सेक्रेटरी मोना के. खंधार के बीच शनिवार दोपहर गांधीनगर में मीटिंग हुई। जडेजा ने बताया कि सारी बातें विस्तार से रखी गईं, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने साफ कहा, 'जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी।' इस हड़ताल से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए अनाज लेने वाले लाखों लाभार्थी प्रभावित हो रहे हैं।

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