कोरोना वायरस की दूसरी लहर के मामलों में अब भारी गिरावट देखने को मिल रही है। वैक्सीनेशन के बाद से अब कोरोना का खतरा काफी कम होता जा रहा है। लेकिन दूसरी ओर देश में ब्लैक फंगस यानी म्यूकोरमाइकोसिस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। जिसके कारण हर कोई डरा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार ब्लैक फंगस स्टेरॉयड और डायबिटीज के कारण हो रहा है। जहां एक ओर इसके इलाज ढूंढने के लिए डॉक्टर्स पूरी कोशिश कर रहे हैं तो दूसरी ओर ब्लैक फंगस को लेकर कई अफवाहे फैली हुई है। जानिए कोरोना और ब्लैक फंगस के बारे में हर एक सच्चाई।
उत्तर प्रदेश में कोरोना की चाल अब थमने लगी है। प्रदेश में शुक्रवार को जो सैंपल की रिपोर्ट आई है, उसमें सात जिले ऐसे हैं जहां पर एक भी नया संक्रमित केस नहीं मिला है। यूपी में शुक्रवार को 619 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। जबकि 1642 लोग संक्रमण मुक्त होकर स्वस्थ हुए हैं। इसी के साथ प्रदेश में कुल 11000 एक्टिव मरीज बचे हैं। मरीजों के ठीके होने की दर भी 98.1 प्रतिशत हो गई है। 24 घंटे में दो लाख 77 हजार टेस्ट किए गए। उत्तर प्रदेश 5.25 करोड़ से ज्यादा टेस्ट करने वाला अकेला राज्य है। अब तक 2.19 करोड़ वैक्सीनेशन हो चुका है। इस महीने एक करोड़ वैक्सीनेशन का लक्ष्य है।
अपर मुख्य सचिव सूचना डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि बीते 24 घंटे की जो सैंपल टेस्ट रिपोर्ट मिली है, उसके अनुसार आज कोरोना वायरस संक्रमण के 619 नए कोविड मामले मिले हैं। प्रदेश के 75 जिलों में से सात जिलों में एक भी नया केस नहीं मिला जबकि 45 जिलों में सिंगिल डिजिट के अंक में नए संक्रमित मिले हैं।
23 जिलों में दस से पचास तक नए केस मिले हैं। अब प्रदेश में कुल सक्रिय केस की संख्या 11,127 रह गई है। प्रदेश में आज 1642 लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से उबरे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ट्रैक, टेस्ट तथा ट्रीट की नीति पर सरकार के लगातार काम करने के कारण ही प्रदेश में संक्रमण की
रफ्तार काफी नियंत्रित है। बीते 24 घंटे में 74 लोगों ने दम तोड़ा है। इनमें कानपुर में 15, गोरखपुर में छह तथा बरेली में पांच लोग हैं। लखनऊ में सर्वाधिक 49 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि वाराणसी में इनकी संख्या 24 की है।
डॉ. सहगल ने बताया कि प्रदेश में टीकाकरण का काम भी काफी गति पकड़ चुका है। सरकार 18 वर्ष से अधिक तथा 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का एक साथ टीकाकरण करा रही है।
प्रदेश सरकार कोरोना वायरस संक्रमण की थर्ड स्ट्रेन को भी लेकर बेहद गंभीर है। माना जा रहा है कि इसका सर्वाधिक असर बच्चों पर होगा। प्रदेश सरकार इसी क्रम में 600 बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर्स भर्ती कर रही है। इनकी जिलों में तैनाती की जाएगी। चिकित्सा,स्वास्थ्य सेवा संवर्ग ने इसकी भर्ती निकाल दी है। इसके तहत 3620 विशेषज्ञ डॉक्टर भर्ती होंगे। 590 पद जनरल फिजिशियन तथा इतने ही पद पर जनरल सर्जन की भी तैनाती होगी। इसमें रेडियोलॉजिस्ट के साथ ईएनटी विशेषज्ञ भी भर्ती होंगे।
ब्लैक फंगस के प्रति सावधानी जरूरी
अगर मुझे कोविड संक्रमण हो गया है, तो कितने दिनों के बाद मैं टीका लगवा सकता हूँ
जिस व्यक्ति को कोविड-19 का संक्रमण हुआ है, वह ठीक होने के दिन से तीन महीने बाद टीका लगवा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के 91,702 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 2,92,74,823 हो गए हैं जबकि इस संक्रमण से 3,403 लोगों की मौत हो गई है। देशभर में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 3,63,079 हो गई है।
प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन की मंजूरी जल्द ही मिलने की उम्मीद
एलर्जी के मरीज कोविड वैक्सीन ले सकते हैं या नहीं?
नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल के अनुसार अगर किसी को एलर्जी की गंभीर शिकायत है तो उसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। इसके बाद ही वैक्सीन लें। सामान्य खांसी या खुजली की स्थिति में वैक्सीन ले सकते हैं।
ब्लैक फंगस घर में रखीं प्याज से भी फैलता है। जानिए इस दावे की सच्चाई
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्याज खरीदते समय सभी को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि यह भी ब्लैक फंगस संक्रमण का कारण बन सकता है। प्याज के बाहरी आवरण पर अक्सर देखा जाने वाला काला फफूंद का हिस्सा भी म्यूकोरमाइकोसिस का कारण बन सकता है। इसलिए जिस भी खाद्य पदार्थ पर आपको काला काला फंगस जैसा कुछ भी दिखे उसको तुरंत सावधानी से नष्ट कर दें।
इस दावे के बारे में एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों में फंगल संक्रमण को रोकने के लिए ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने की जरूरत है। म्यूकोर्मिकोसिस के बारे में बात करते हुए गुलेरिया ने कहा, इसे लेकर याद रखने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि म्यूकोर्मिकोसिस एक काला कवक नहीं है, यह एक मिथ्या नाम है। इस संक्रमण में खून की कमी के चलते मरीज की स्किन धीरे-धीरे फेड होने लगती है और काली दिखने लगती है, यही वजह है कि लोग इसे काला फंगस कहने लगे। लेकिन यह किसी अन्य चीज से नहीं फैलता है।
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