Wednesday, February 04, 2026
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क्या भारत के बाजार में बिकने वाले अंडे जहरीले हैं? देशभर से सैंपल कलेक्ट कर रहा है FSSAI

Egg Testing In India By FSSAI: अंडे बेचने वाली एक ब्रांडेड कंपनी के कुछ सैंपल में NitroFuran जैसे जहरीले कैमिकल पाए जाने की खबर सामने आई है, जिसके बाद पूरे देश में Fssai ने नेशनवाइड एग सेफ्टी ड्राइव लॉन्च की है।

Reported By : Anamika Gaur Written By : Bharti Singh Published : Dec 16, 2025 02:47 pm IST, Updated : Dec 16, 2025 02:48 pm IST
अंडों में मिलावट- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK अंडों में मिलावट

सर्दियां आते ही अंडा खाने वालों की लिस्ट काफी बढ़ जाती है। भारत में प्रोटीन के नेचुरल सोर्स के रूप में अंडे का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। लेकिन पिछले दिनों अंडा बेचने वाली एक बड़ी कंपनी के अंडों में मिलावट और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे। जिसके बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोमवार को देश भर में ब्रांडेड और गैर-ब्रांडेड दोनों तरह के अंडों के नमूने इकट्ठा करने को कहा है। एफएसएसआई अंडे में नाइट्रोफ्यूरान की जांच के लिए अंडों को टेस्टिंग लैब्स में भेजने का निर्देश दिया गया है।

देशभर में बिकने वाले अंडों की होगी जांच 

Fssai ने सभी राज्यों के अधिकारियों को यह नोटिफिकेशन दिया है कि बाजार में बिकने वाले ब्रांडेड और उन ब्रांडेड अंडों की जांच की जाए उनके सैंपल लेकर लैब में जांच की जाए। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मुर्गी पालन में अवैध रूप से ऐसी दवाओं का उपयोग किए जाने पर इनके अवशेष अंडों में प्रवेश कर सकते हैं। जिसे लेकर अब देशभर में बिकने वाले अंडों के सैंपल लिए जा रहे हैं। क्योंकि अंडों में जिस नाइट्रोफ्यूरान केमिकल के पाए जाने की बात सामने आ रही है वो एक बेहद जहरीला केमिकल है जो कि भारत समेत विदेशों में बैन है। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। 

नाइट्रोफ्यूरान वाले अंडे खाने से हो सकता है कैंसर

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पोल्ट्री में एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग एक बड़ा मुद्दा है जो इंसानों में कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा पैदा करता है। नाइट्रोफ्यूरान विश्व स्तर पर प्रतिबंधित हैं क्योंकि इनके अवशेष पकाने के बाद भी अंडों में बने रह सकते हैं। जानवरों पर किए गए अध्ययनों में दूषित अंडों के लंबे समय तक सेवन को आनुवंशिक क्षति और कैंसर के बढ़ते खतरे से जोड़ा गया है, साथ ही इससे किडनी और लिवर को भी नुकसान हो सकता है। इस केमिकल का अंडों में पाए जाने का एक कारण मुर्गी पालन में इस्तेमाल होने वाला गंदा खाना और मुर्गियों को गंदे तरीके से रखना भी हो सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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