सियासत हो या जिंदगी जीत की ख़ुशी दिल में मिठास घोल देती है और हार का दर्द, सीने में एक अजीब सी कसक छोड़ जाता है। बिहार में कहीं जश्न का शोर है तो कहीं मायूसी , लेकिन,एक बात हम अक्सर भूल जाते हैं जीत हो या हार सबसे ज्यादा असर मन पर नहीं, हमारे अंदर के सिस्टम पर पड़ता है। मिठाई का एक टुकड़ा और तनाव का एक लम्हा ये दोनों मिलकर हमारे शरीर के 'ग्लूकोज लेवल' को ऐसे झकझोर देते हैं कि कई बार डायबिटीज की कहानी यहीं से शुरु हो जाती है। जश्न में जो मिठाई खुशी-खुशी खाते हैं वो ब्लड में शुगर को एकदम से ऊपर ले जाती है। शरीर उसे कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन रिलीज करता है लेकिन अगर ये चक्कर बार-बार चलता रहे तो शरीर इंसुलिन की मानना ही बंद कर देता है। और फिर शुरु होती है इंसुलिन रेजिस्टेंस'' की परेशानी और यहीं से बढ़ता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा फिर मिठाई सिर्फ शुगर नहीं बढ़ाती। ये वजन भी बढ़ाती है। इसकी वजह से लिवर फैटी होता है और हार्ट पर भी दबाव पड़ता है। इसका मतलब है कि जश्न की मिठास, अंदर जाकर कड़वाहट बन जाती है।
और यहां एक दूसरी सच्चाई भी है हार के बाद जो तनाव, बेचैनी और ओवरथिंकिंग होती है। उसका असर भी सीधा ब्लड शुगर पर पड़ता है। तनाव की हालत में शरीर 'कोर्टिसोल' और 'एड्रेनालाईन' जैसे हार्मोन छोड़ता है। ये दोनों शरीर को कहते हैं 'तैयार हो जाओ लड़ाई का वक्त आ गया' और बस, ग्लूकोज अचानक ब्लड में रिलीज हो जाता है यानि बिना कुछ खाए ब्लड शुगर बढ़ जाता है। अगर ये तनाव लगातार रहे तो शरीर इंसुलिन को सही से रिस्पॉन्ड करना छोड़ देता है और शुगर लेवल हर दिन रोलर-कोस्टर की तरह ऊपर-नीचे होने लगता है। नतीजा एक वक्त के बाद डायबिटीज। तो चाहे जीत की खुशी हो या हार का बोझ हमारी पहली जिम्मेदारी है अपने अंदर की मिठास और मन को शांत रखना। तो आइए बाबा रामदेव से जानते हैं ब्लड शुगर को कैसे बैलेंस रखें।
ज़्यादा प्यास लगना
बार-बार यूरिन आना
बहुत भूख लगना
वजन घटाना
चिड़चिड़ापन
थकान
कमज़ोरी
धुंधला दिखना
शरीर पर खतरा है हाई शुगर जानलेवा
ब्रेन
आंख
हार्ट
लिवर
किडनी
ज्वाइंट्स
खाने से पहले 100 से कम
खाने के बाद 140 से कम
प्री-डायबिटीज
खाने से पहले 100-125 mg/dl
खाने के बाद 140-199 mg/dl
डायबिटीज
खाने से पहले 125 से ज्यादा mg/dl
खाने के बाद 200 से ज्यादा mg/dl
तनाव
बेवक्त खाना
जंकफूड
पानी कम पीना
वक्त पर न सोना
वर्कआउट न करना
मोटापा
जेनेटिक
सर्दी में डाइट पर खास ध्यान दें
खुद को गर्म रखें
हाई कैलोरी फूड से बचें
वर्कआउट जरूर करें
आधा घंटा धूप में बैठें
हफ्ते में 150 मिनट वर्कआउट करने से शुगर का खतरा 60 फीसदी तक कम होता है। ऐसे में रोजाना 20-25 मिनट एक्सरसाइज़ करें।
WHO की गाइडलाइन के मुताबिक 1 दिन में 5 ग्राम से ज्यादा चीनी ना खाएं। 5 ग्राम यानि 1 चम्मच चीनी ही खाएं। लेकिन कुछ लोग 3 गुना ज्यादा चीनी खाते हैं। जिसकी वजह से उनका शुगर लेवल काफी बढ़ जाता है।
खीरा
करेला
टमाटर का जूस
गिलोय का काढ़ा पीएं
मंडूकासन
योगमुद्रासन
कपालभाति
सिर्फ गुनगुना पानी पीएं
सुबह खाली पेट नींबू-पानी पीएं
लौकी का सूप जूस-सब्जी खाएं
अनाज में चावल कम खाएं
शुगर कंट्रोल करने के लिए क्या खाएं
रोज 1 चम्मच मेथी पाउडर खाएं
सुबह लहसुन की 2 कली खाएं
गोभी, करेला लौकी खाएं
एलोवेरा
स्टीविया प्लांट
इंसुलिन प्लांट
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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