Vegetable deficiency symptoms: डायबिटीज, हाई बीपी और मूड डिसऑर्डर से जुड़ी कई बीमारियां असल में डाइट और लाइफस्टाइल की कमी से होती है। जिसमें कि सब्जियों की कमी भी एक कारण है। दरअसल, सब्जियों में मल्टीविटामिन, फाइबर और कई प्रकार के मिनरल्स होते हैं जो कि सेहत के लिए कई प्रकार से काम करते हैं। लेकिन, जब शरीर में सब्जियों की कमी होती है तो इन चीजों की कमी भी होने लगती है जिससे आपको कई बीमारियां (lack of vegetables in diet symptoms) हो सकती हैं। कैसे, जानते हैं।
जब आप सब्जियां नहीं खाते तो आपके शरीर में फाइबर की कमी रहती है और इससे क्रेविंग होने लगती है। ये इसलिए होता है क्योंकि खाना खाने के बाद पेट फाइबर की कमी से नहीं भरता और फिर पेट ब्रेन को सिगनल देता है कि उसे भूख लगी है।
अगर आपके खाने में सब्जियों की मात्रा कम होगी तो आपका वजन तेजी से बढ़ सकता है। ये इसलिए क्योंकि सब्जियों की कमी से मेटाबोलिज्म स्लो हो जाता है और वजन तेजी से बढ़ता है।
लगातार कब्ज की समस्या, सब्जियों की कमी के कारण (lack of vegetables disease) हो सकती है। क्योंकि सब्जियां नहीं होंगी तो फाइबर और रफेज की कमी से आपका बॉवेल मूवमेंट स्लो रहेगा। इससे मल कठोर होगा या मल त्याग में परेशान आएगी।

मांसपेशियों के संकुचन के लिए पर्याप्त पोटेशियम की जरुरत होती है। तो, ऐसे में अगर शरीर में पोटेशियम का स्तर बहुत कम होगा, तो मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। सब्जियां पोटेशियम से भरपूर होती हैं और इनकी कमी मांसपेशियों में ऐंठन का कारण बन सकती है।
मूड स्विंग्स और स्ट्रेस, दोनों ही सब्जियों की कमी के कारण हो सकते हैं। क्योंकि हमारे मूड, स्ट्रेस लेवल और मैग्नीशियम के बीच एक खास संपर्क है। जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने लगती है तो ये आसानी से मूड स्विंग्स और स्ट्रेस को ट्रिगर करती है। ऐसे में मैग्नीशियम पाने के लिए आपको सब्जियों का सेवन करना होगा और इसी कमी इन समस्याओं का कारण बन सकती है।
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