सितंबर माह में मूड खराब, गुस्सा आना है सीजनल डिप्रेशन का संकेत, स्वामी रामदेव से जानिए इसका कारगर इलाज
सितंबर माह में मूड खराब, गुस्सा आना है सीजनल डिप्रेशन का संकेत, स्वामी रामदेव से जानिए इसका कारगर इलाज
Written by: India TV Health Desk
Published : Sep 07, 2021 09:40 am IST,
Updated : Sep 07, 2021 01:21 pm IST
एक स्टडी के मुताबिक, हैप्पीनेस से हीलिंग पावर बढ़ती है। पॉजिटिव रहने से काम करने की क्षमता 72 प्रतिशत और रोगों से लड़ने की ताकत 52 प्रतिशत बढ़ जाती है।
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सितंबर माह में मूड खराब, गुस्सा आना है सीजनल डिप्रेशन के संकेत, स्वामी रामदेव से जानिए इसका कारगार इलाज
वैसे तो लोगों ने आपको हंसते मुस्कुराते देखा है, लेकिन क्या कभी आपके साथ भी ऐसा होता है कि आपका मूड खराब हो और किसी से बात करने का मन ना हो। कई बार लोग छोटी-छोटी सी परेशानी से इतना स्ट्रेस और एंग्जायटी में आ जाते हैं कि उन पर निगेटिव इमोशंस हावी हो जाते हैं।
सब कुछ अच्छा होते हुए भी आप नाखुश रह सकते हैं और जीवन में हजा़रों परेशानियों के बाद भी आप चाहें तो खुश रह सकते हैं, लेकिन कई बार तो मौसम में बदलाव भी लोगों की उदासी की वजह बन जाता है। जैसे बारिश में हरियाली देखकर मन खुश होता है, गर्मी में हवा का तेज झोंका ताजगी देता है और सर्दियों में हल्की सी धूप में मूड अपलिफ्ट कर देती है। उसी तरह सितंबर का महीना कई लोगों में डिप्रेशन की वजह बनता है ।
एक्सपर्ट की माने तो इसे सितंबर ब्लूज़( September Blues) कहा जाता है। जिसमें मौसम अचानक बदलता है और आप दुनिया के किसी भी कोने में हों। ज्यादातर लोगों पर गुस्सा, उदासी, डिप्रेशन के इमोशन्स हावी हो जाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में डिप्रेशन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। देश में करीब 20 करोड़ लोगों को डिप्रेशन है। मतलब हर सात में से एक भारतीय मानसिक तौर पर परेशान हैं।
मूड स्विंग की इस परेशानी को हैप्पीनेस में कैसे बदला जाए। एक स्टडी के मुताबिक, हैप्पीनेस से हीलिंग पावर बढ़ती है। पॉजिटिव रहने से काम करने की क्षमता 72 प्रतिशत और रोगों से लड़ने की ताकत 52 प्रतिशत बढ़ जाती है।
एक रिसर्च के मुताबिक तो पॉजिटिविटी से हार्ट अटैक का खतरा 39 प्रतिशत कम हो जाता है और करीब 8 साल उम्र बढ़ जाती है। लाइफ में हमेशा पॉजिटिव कैसे रहें। इस बारे में स्वामी रामदेव से जानिए।
स्वामी रामदेव के अनुसार रोजाना 5 से 10 बार ओमकार का ध्यान जरूर करे। इससे भी आपको लाभ मिलेगा।
नींद बेहतर होगी
थकान दूर होगी
मन की घबराहट कम करे
मन की एकाग्रता बढ़ाए
डिप्रेशन और चनाव को करे कम
पाचन शक्ति को मजबूत बनाए
त्राटक
त्राटक इधर-उधर भटकने वाली मन को एकाग्र और शांत करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस विधि में जलता हुआ दीपक, मोमबत्ती, बिंदु आदि को एकटक देखा जाता है। इससे आपका किसी भी चीज में फोकस करने में बढ़ोत्तरी होगी।
शिरोधार
शिरोधार करने से दिमाग शांत हो जाता है। इसके लिए नल के नीचे आराम से पद्मासन या ऐसे ही आराम से पलथी मार कर बैठ जाए और सिर के ऊपर पानी की तेज धारा प्रवाहित करे। करीब 5 मिनट ऐसा करने से आपको अच्छी नींद आने के साथ डिप्रेशन से राहत मिलेगी।