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कोरोना की दूसरी लहर में क्या बंद होगी रेल सेवा? रेल बोर्ड चेयरमैन ने दिया बड़ा बयान

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 25, 2021 08:06 pm IST,  Updated : Apr 25, 2021 10:40 pm IST

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने रविवार को मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना के फैलते संक्रमण के बावजूद ट्रेनों का परिचालन बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही शर्मा ने और ट्रेनों के संचालन को लेकर भी जानकारी दी है।

कोरोना की दूसरी लहर में क्या बंद होगी रेल सेवा? रेल बोर्ड चेयरमैन ने दिया बड़ा बयान- India TV Hindi
कोरोना की दूसरी लहर में क्या बंद होगी रेल सेवा? रेल बोर्ड चेयरमैन ने दिया बड़ा बयान Image Source : FILE PHOTO

Indian Railways latest news: देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच रेल संचालन को लेकर रविवार को बड़ी खबर सामने आयी है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने रविवार को मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना के फैलते संक्रमण के बावजूद ट्रेनों का परिचालन बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही शर्मा ने और ट्रेनों के संचालन को लेकर भी जानकारी दी है। 

उच्च मांग वाले क्षेत्रों में 674 अतिरिक्त फेरे लगेंगे

रेलवे ने गोरखपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, वाराणसी, गुवाहाटी, इलाहाबाद और बोकारो जैसे अधिक मांग वाले गंतव्यों के लिए अप्रैल और मई के बीच 674 अतिरिक्त फेरे संचालित करने की योजना बनाई है। रेलवे ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में इजाफा होने के कारण यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं देखी गई है, लेकिन जमीनी रिपोर्ट बताती हैं कि अपने गृह राज्यों के लिए रवाना होने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 

ट्रेन संचालन जारी रहेगा

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने रविवार को एक प्रस्तुतिकरण में बताया कि इस समय 70 प्रतिशत ट्रेन सेवाएं चालू हैं और रेलवे मांग के अनुसार अतिरिक्त रेलगाड़ियों का भी संचालन कर रहा है। इस समय रेलवे औसतन प्रतिदिन 1,514 ट्रेन और प्रतिदिन 5,387 उपनगरीय सेवाएं संचालित कर रहा है। रेलवे ने 28 विशेष ट्रेन भी चलाई हैं और वह 984 यात्री सेवाएं संचालित कर रहा है। शर्मा ने कहा, ‘‘कोविड-19 के बावजूद ट्रेन संचालन जारी रहेगा। हम मांग के अनुसार सेवाएं बढ़ा रहे हैं।’’ 

जानिए किस जोन में कितनी ट्रेनें चलाई जाएंगी

330 अतिरिक्त ट्रेन के 674 फेरे में से मध्य रेलवे 143 ट्रेन (377 यात्राएं), पश्चिम रेलवे 154 ट्रेन (212 यात्राएं), उत्तर रेलवे 27 ट्रेन (27 यात्राएं), पूर्व मध्य रेलवे दो ट्रेन (चार यात्राएं), उत्तर पूर्व रेलवे नौ ट्रेन (14 यात्राएं), उत्तर मध्य रेलवे एक ट्रेन (10 यात्राएं) और दक्षिण पश्चिम रेलवे तीन ट्रेन (30 यात्राएं) संचालित कर रहा है। इन 330 अतिरिक्त ट्रेन में से 101 मुंबई क्षेत्र और 21 दिल्ली क्षेत्र से चलाई जा रही हैं। शर्मा ने कहा, ‘‘कुल 330 ट्रेनों (674 फेरे) की योजना बनाई गई है। गोरखपुर, पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, वाराणसी, गुवाहाटी, मंडुआडीह, बरौनी, प्रयागराज, बोकारो, रांची, लखनऊ और कोलकाता जैसे अधिक मांग वाले गंतव्यों के लिए ये ट्रेन चलाई जा रही हैं।’’

ऑक्सीजन एक्सप्रेस 70 टन ऑक्सीजन लेकर सोमवार रात दिल्ली पहुंचेगी: रेलवे 

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने बताया कि कुल 70 टन ऑक्सीजन के चार टैंकर को लेकर पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस रविवार रात को रायगढ़ के जिंदल इस्पात संयंत्र से रवाना होगी और सोमवार रात को दिल्ली पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि रेलवे ने अंगुल, कलिंगनगर, राउरकेला और रायगढ़ से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ऑक्सीजन पहुंचाने की योजना बना ली है। 

शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार को सलाह दी गई है कि वह ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए रोड टैंकर तैयार रखे। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस चार टैंकरों में 70 टन ऑक्सीजन भरकर राष्ट्रीय राजधानी के लिए आज रात रवाना होगी। यह एक्सप्रेस रायगढ़ स्थित जिंदल स्टील वर्क से ऑक्सीजन लेकर दिल्ली छावनी सोमवार रात को पहुंचेगी।’’ उल्लेखनीय है कि कई इलाकों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी की वजह से ऑक्सीजन की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए रेलवे ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाने का फैसला किया है। 

शर्मा ने कहा, ‘‘अबतक हमने 150 टन ऑक्सीजन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश पहुंचायी है और आज रात 150 टन और ऑक्सजीन की ढुलाई करेंगे। दिल्ली के लिए रायगढ़ के जिंदल इस्पात कारखाने में चार टैंकर भरकर लाने के लिए तैयार है।’’ अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने रेलवे को लिखे पत्र में नौ स्थानों पर ऑक्सीजन उतराने की सुविधा देने को कहा था। अधिकारी ने बताया, ‘‘इन स्थानों का परीक्षण करने और व्यावहारिकता का विश्लेषण करने के बाद राज्य सरकार को सूचित किया गया कि सात स्थानों से ऑक्सीजन को ट्रेन से उतारा जा सकता है जबकि दो स्थान तकनीकी कारणों से इस कार्य के लिए उपयुक्त नहीं है।’’

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