1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. अमेरिका-भारत के बीच बड़ा हथियार सौदा, ट्रम्प प्रशासन ने एक अरब डॉलर की डील को दी मंजूरी

अमेरिका-भारत के बीच बड़ा हथियार सौदा, ट्रम्प प्रशासन ने एक अरब डॉलर की डील को दी मंजूरी

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 20, 2019 10:19 pm IST,  Updated : Nov 20, 2019 11:58 pm IST

ट्रंप प्रशासन ने भारत को एक अरब अमेरिकी डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इसमें नौसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक नेवल गनशिप, एंटी एयरक्राप्ट और तटों पर बम बरसानेवाले उपकरण शामिल हैं

Donald Trump- India TV Hindi
Donald Trump

नई दिल्ली: ट्रंप प्रशासन ने भारत को एक अरब अमेरिकी डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को बताया है कि उसने भारत को एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की नौसेना की तोपों को बेचने का निर्णय लिया है। इस प्रस्तावित बिक्री के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिसे अमेरिका ने अपने नौसेना तोपों के नवीनतम (मोड 4) की बिक्री का फैसला किया है। इन तोपों का इस्तेमाल युद्धपोतों तथा युद्धक विमानों के खिलाफ और तटों पर बमबारी के लिए किया जाता है और इस फैसले से भारतीय नौसेना की घातक क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी। 

रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने मंगलवार को जारी अपनी अधिसूचना में कहा कि 13 एमके-45 पांच इंच/ 62 कैलिबर (एमओडी 4) नौसैनिक तोपों और उनसे संबंधित उपकरणों की प्रस्तावित विदेशी सैन्य बिक्री की अनुमानित लागत 1.0210 अरब डॉलर है। अधिसूचना में कहा गया है कि बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट्स द्वारा बनाए जाने वाले इन हथियारों की प्रस्तावित बिक्री से भारत को दुश्मनों के हथियारों से मौजूदा और भविष्य के जोखिमों से निपटने में मदद मिलेगी। 

अधिसूचना में कहा गया है, “एमके-45 गन सिस्टम से अमेरिका और अन्य संबद्ध बलों के साथ अंतर-क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ एंटी-सर्फेस युद्ध और एंटी-एयर रक्षा मिशन का संचालन करने की क्षमता मिलेगी।” इसमें कहा गया है कि इस बढ़ी हुई क्षमता की मदद से भारत क्षेत्रीय खतरों से निपटने और अपनी जमीन की रक्षा करने में सक्षम होगा। इसमें आगे कहा गया है कि इस उपकरण की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन में बदलाव नहीं होगा। अधिसूचना के मुताबिक इस संभावित बिक्री की सूचना की कानूनी मंजूरी जरूरी है और इसका ये अर्थ नहीं है कि बिक्री हो चुकी है। अभी तक इन तोपों को ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया को ही बेचा गया है। थाईलैंड को मोड 4 का उन्नत संस्करण दिया गया है। ब्रिटेन और कनाडा जैसे अपने मित्र देशों को भी अमेरिका इन तोपों की बिक्री करने के लिए प्रतिबद्ध है। (इनपुट-भाषा)

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत