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चमोली तबाही: मृतकों के परिजनों को 6 लाख, घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजे का ऐलान

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 07, 2021 07:21 pm IST,  Updated : Feb 07, 2021 10:49 pm IST

उत्तराखंड चमोली ग्लेशियर आपदा पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस हादसे पर कहा कि संडे होने की वजह से बहुत लोगों की जान बच गई।

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चमोली तबाही: मृतकों के परिजनों को 6 लाख, घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजे का ऐलान Image Source : PTI

नई दिल्ली: उत्तराखंड चमोली ग्लेशियर आपदा पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस हादसे पर कहा कि संडे होने की वजह से बहुत लोगों की जान बच गई। हादसे में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। सेना, NDRF, SDRF की टीमें काम कर रही हैं। 125 से ज्यादा लोग लापता हैं।

उन्होंने कहा कि ऋषि गंगाग प्रोजेक्ट के 30 लोग लापता हैं। रुद्रप्रयाग से नीचे का पानी लेवल बिल्कुल सामान्य है। अफवाहों पर ध्यान बिल्कुल न दें। पीएम मोदी ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मदद की बात कही है।

चमोली में आई आपदा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष से उत्तराखंड चमोली ग्लेशियर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है। पीएमओ ने इसकी जानकारी दी।

चमोली ग्लेशियर आपदा पर राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक के बाद संस्था के प्रवक्ता ने कहा कि उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से 13.2 मेगावाट की छोटी ऋषिगंगा पनबिजली परियोजना बह गई। ग्लेशियर टूटने से अलकनंदा की सहायक नदी धौली गंगा पर तपोवन के पास एनटीपीसी की पनबिजली परियोजना भी प्रभावित हुई है।

उन्होनें कहा कि नीचे की ओर बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, जलस्तर में बढ़ोतरी को रोक लिया गया है, गांवों, पनबिजली परियोजनाओं को कोई खतरा नहीं। गौरतलब है कि चमोली जिले के जोशीमठ में नंदा देवी ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटने के कारण धौली गंगा नदी में आयी भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के बचाव के लिए सेना ने रविवार को चार कॉलम और दो मेडिकल टीमें तैनात की है।

अधिकारियों ने बताया कि जोशीमठ के रिंगी गांव में सेना के इंजीनियरिंग टास्क फोर्स का एक दल भी तैनात किया गया है। तपोवन-रेणी पनबिजली परियोजना में काम कर रहे 150 से ज्यादा मजदूरों के मारे जाने की आशंका है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के प्रवक्ता ने परियोजना प्रभारी के हवाले से यह जानकारी दी।

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुई अमूल्य जनहानि से बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए बरेली से सशस्त्र बलों के दो हेलीकॉप्टर को जोशीमठ भेजा गया है।’’

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