1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. एक भारतीय यौनकर्मी की कहानी सुन रो पड़े थे बिल गेट्स, पुस्तक में हुआ खुलासा

एक भारतीय यौनकर्मी की कहानी सुन रो पड़े थे बिल गेट्स, पुस्तक में हुआ खुलासा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 30, 2018 06:46 pm IST,  Updated : Nov 30, 2018 06:46 pm IST

गेट्स फाउंडेशन के एड्स रोकथाम कार्यक्रम के तहत भारत की एक यात्रा के दौरान बिल गेट्स ने जब एक यौनकर्मी की यह कहानी सुनी कि सहपाठियों के हाथों परेशान होने और ताने सुनने के बाद उसकी बेटी ने खुदकुशी कर ली, तब उनकी आंखों से आंसू टपक गये।

Bill Gates- India TV Hindi
Bill Gates

नयी दिल्ली: गेट्स फाउंडेशन के एड्स रोकथाम कार्यक्रम के तहत भारत की एक यात्रा के दौरान बिल गेट्स ने जब एक यौनकर्मी की यह कहानी सुनी कि सहपाठियों के हाथों परेशान होने और ताने सुनने के बाद उसकी बेटी ने खुदकुशी कर ली, तब उनकी आंखों से आंसू टपक गये। गेट्स फाउंडेशन के एचआईवी/एड्स रोकथाम कार्यक्रम आह्वान की दस साल तक अगुवाई कर चुके अशोक एलेक्जेंडर ने अपनी पुस्तक ‘ए स्ट्रेंजर ट्रूथ: लेसंश इन लव, लीडरशिप एंड करेज फ्रोम इंडियाज सेक्स वर्कर्स’ में यह बात कही है। एलेक्जेंडर ने इस पुस्तक में देश की यौनकर्मियों, उनकी जिंदगी, इस महामारी के सदंर्भ में भारत कैसे सफल रहा, उसकी गाथा, उससे क्या नेतृत्व कौशल एवं जीवन का सबक सीखा जा सकता है, आदि की चर्चा की है।

Related Stories

लेखक ने भारत की यौनकर्मियों की जिंदगी की सच्ची कहानियां लिखी हैं जो टूटकर बिखर जाने की स्थिति और नैराश्य से उबरने और उम्मीद की किरणें ढूंढने के बारे में हैं। अपनी यात्राओं के दौरान बिल और उनकी पत्नी मेलिंदा यौन कर्मियों पर पूरा ध्यान देती थीं। उन्होंने लिखा है, ‘‘वे फर्श पर पालथी मारकर बैठ जाते थे और सामने छोटे समूह में होती थीं इस समुदाय की सदस्य। मेलिंदा ने उनमें से कुछ से पूछा कि क्या आप अपनी कहानी बता सकती हैं? सारी कहानियां समाज में ठुकराये जाने, भयंकर गरीबी की होती थीं और कुछ फिर उम्मीद की किरणें। वे बिल्कुल सच्ची होती थीं।’’

एक ऐसी ही कहानी गेट्स की 2000 के प्रारंभिक दिनों की यात्रा के दौरान उन्हें सुनायी गयी कहानी थी। एक महिला ने बताया कि स्कूल जा रही अपनी बेटी से उसने यह बात छिपायी कि वह यौनकर्मी है। स्कूल में जब उसके सहपाठियों को सच्चाई का पता चला तो वे उसे परेशान करने लगे, ताने मारने लगे और उन्होंने उसका बहिष्कार कर दिया। लड़की अवसादग्रस्त हो गयी। पुस्तक में कहा गया है, ‘‘एक दिन उसकी मां ने घर आने पर देखा कि वह फांसी की फंदे से लटकी थी। वहां एक नोट पड़ा था जिसपर लिखा था कि (मैं) अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती। मैंने देखा कि मेरे ही बगल में बैठे बिल का सिर झुक गया और उनकी आंखों से आंसू टपकने लगे।’’ यह पुस्तक जगरनट ने प्रकाशित की है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत