Saturday, February 07, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. दिल्ली ब्लास्ट: इन 3 अहम फैक्टर्स पर आकर टिक गई हैं पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें, आप भी जानिए

दिल्ली ब्लास्ट: इन 3 अहम फैक्टर्स पर आकर टिक गई हैं पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें, आप भी जानिए

दिल्ली के लाल किला के पास ब्लास्ट के मामले की जांच जारी है। कई संदिग्धों की पहचान की गई है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। अब पुलिस की जांच 3 अहम फैक्टर्स पर आकर टिक गई है।

Reported By : Abhay Parashar, Kumar Sonu Edited By : Subhash Kumar Published : Nov 11, 2025 01:59 pm IST, Updated : Nov 11, 2025 01:59 pm IST
delhi blast red fort investigation- India TV Hindi
Image Source : PTI दिल्ली ब्लास्ट की जांच जारी।

दिल्ली में सोमवार की शाम लाल किला के पास कार में ब्लास्ट की जांच जारी है। इस घटना में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा लोग घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। कई लोगों की हालत गंभीर भी बताई जा रही है। इस घटना को लेकर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस और एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं। दिल्ली के लाल किले के पास ब्लास्ट के मामले में दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां की जांच अब 3 महत्वपूर्ण फैक्टर्स पर आकर टिक गई है। आइए जानते हैं इनके बारे में।

सबसे अहम वो 3 घंटे

वो 3 घंटे जिनमें डॉक्टर उमर ने लाल किले की पार्किंग में गाड़ी खड़ी रखी, उस दौरान उमर कहां था? क्या वह पार्किंग में ही था या 3 घंटे के दौरान वो किसी से मुलाकात कर रहा था या उसने इलाके की रेकी की और वो पीक hour का इंतजार रहा था कि जब ज्यादा भीड़ सड़कों पर जुट सके। आखिर दोपहर 3 बजकर 19 मिनट पर वो गाड़ी पार्किंग में पहुंच गई थी। उसके बाद 6 बजकर 22 पर गाड़ी बाहर आई। इन 3 घंटों के दौरान उमर ने क्या किसी से बात की? क्या किसी से वो निर्देश ले रहा था या किसी के निर्देश का इंतजार कर रहा था? उमर को पता चल चुका था कि उसके साथी पकड़े जा चुके हैं और पुलिस कभी भी उस तक पहुंच सकती है। तो ऐसे में उसने दिल्ली की हाई सिक्योरिटी वाले इलाके में 3 घंटे तक रुकने का रिस्क क्यों लिया? क्या कोई स्लीपर सेल या लॉजिस्टिक सपोर्ट का इंतजार था?

दूसरा अहम पहलू

फरीदाबाद के जिस अल फलाह यूनिवर्सिटी के 3 डॉक्टर्स का नाम सामने आ गया था। इस नेटवर्क में इनके अलावा और कितने एक्टिव मेंबर या नॉन एक्टिव मेंबर जिन्हें स्लीपर सेल भी कहा जाता है वो एक्टिव थे? इतने हथियार इन्होंने कहां से लिए, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां से आया? क्या ये अलग-अलग समय पर अलग-अलग खेप से पहुंचा? ये विस्फोटक और हथियार यहां तक पहुंचाने वाले कौन थे? जिस टेलीग्राम ग्रुप से ये लोग जुड़े हुए थे उसके अन्य मेंबर कौन-कौन हैं? वो कब से एक्टिव था? क्या उमर, मुजम्मिल या आदिल ने दिल्ली की रेकी की थी या इनके लिए ये काम कोई ओर कर रहा था?

तीसरा अहम पहलू

अब तक दिल्ली में जितने भी बम धमाके देखे गए उसमें विस्फोटक भले ही कोई भी हो लेकिन ब्लंट ऑब्जेक्ट जैसे, कील, बोल बेयरिंग ब्लेड जैसी धारदार चीजों का इस्तेमाल किया जाता था ताकि इंपैक्ट बहुत ज्यादा और दूर तक हो। लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। पुलिस को किसी भी तरह का कोई भी ब्लंट ऑब्जेक्ट नहीं मिला है। तो आखिरकार ब्लास्ट का इतना इंपैक्ट कैसे हुआ जबकि सड़क पर कहीं कोई गड्ढा भी नहीं बना। जैसा अक्सर ब्लास्ट साइट पर देखा जाता है। लेकिन गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए न सिर्फ उस गाड़ी के जिसमें ब्लास्ट हुआ बल्कि आसपास की गाड़ियों के भी।

ये भी पढ़ें- Red Fort Blast: धमाके से पहले कहां-कहां गई थी कार? सामने आई एंट्री और लोकेशन से जुड़ी जानकारी

लाल किले के पास ब्लास्ट के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, इन रास्तों पर जाने से बचें

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement